पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के कारण देश में उत्पन्न हुए ऊर्जा संकट के बीच, केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 23 मार्च से कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति को संकट-पूर्व स्तर के 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। यह फैसला विशेष रूप से फूड सर्विस सेक्टर और सामुदायिक रसोई को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि आम जनता और आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।
मुख्य बिंदु
- 23 मार्च से कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति संकट-पूर्व स्तर के 50% तक बढ़ाई गई।
- सरकार का मुख्य फोकस फूड सर्विस सेक्टर और सामुदायिक रसोई को राहत देना है।
- पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की ओर बदलाव को बढ़ावा दिया जा रहा है, अनिवार्य रजिस्ट्रेशन लागू।
- राज्यों को अतिरिक्त 20% कमर्शियल गैस आवंटन, कुल आपूर्ति 50% तक।
- एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देश भर में सख्त कार्रवाई।
बड़ी राहत: कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति में जबरदस्त बढ़ोतरी
पश्चिमी एशिया में छिड़ी जंग के कारण भारत में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका थी। इसी को देखते हुए, सरकार ने एक दूरगामी कदम उठाया है। 23 मार्च से देश भर में कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति को पूर्व-संकट स्तर के 50 प्रतिशत तक पहुंचा दिया गया है। यह वृद्धि उन सभी व्यावसायिक इकाइयों के लिए जीवन रेखा साबित होगी, जो एलपीजी पर निर्भर करती हैं।

विशेष रूप से, सरकार का ध्यान फूड सर्विस सेक्टर जैसे रेस्टोरेंट, ढाबे और होटल, साथ ही सामुदायिक रसोई पर है। इन क्षेत्रों को सुचारू रूप से चलाने से लाखों लोगों को भोजन और आवश्यक सेवाएं मिलती रहेंगी।
PNG को बढ़ावा: वैकल्पिक ऊर्जा की ओर कदम
सिर्फ एलपीजी ही नहीं, सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की ओर बदलाव को भी सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है। यह एक स्थायी और अधिक कुशल ऊर्जा समाधान है। इस बदलाव को गति देने के लिए, पीएनजी कनेक्शन के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी लागू की जा रही है।
यह कदम दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और एलपीजी पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
प्राथमिकता वाले क्षेत्र: किसे मिलेगा अतिरिक्त 20% LPG?
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, यह अतिरिक्त 20 प्रतिशत एलपीजी उन क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा, जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। इनमें रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी यूनिट्स शामिल हैं।
इसके अलावा, सरकारी सब्सिडी वाले कैंटीन, कम्युनिटी किचन और प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर भी इस अतिरिक्त आवंटन के दायरे में आएंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि सबसे कमजोर वर्गों और आवश्यक सेवाओं को निर्बाध आपूर्ति मिलती रहे।
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राज्यों में आवंटन और जमीनी हकीकत
केंद्र सरकार ने राज्यों को 20 फ़ीसदी ज्यादा कमर्शियल गैस का आवंटन बढ़ाया है। इसका मतलब है कि अब राज्यों को कमर्शियल एलपीजी का अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन मिलेगा, जिससे कुल आपूर्ति 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। इस बढ़ी हुई आपूर्ति में रेस्टोरेंट, होटल, ढाबे और इंडस्ट्री को प्राथमिकता दी जाएगी।
एलपीजी लेने के लिए रजिस्ट्रेशन और पीएनजी के लिए आवेदन करना अब अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने बताया है कि 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक गैर-घरेलू एलपीजी की सप्लाई के आदेश जारी कर दिए हैं। पिछले एक हफ्ते में लगभग 13,479 मीट्रिक टन एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों को भी प्राथमिकता दी गई है, जिन्हें कुल कमर्शियल एलपीजी का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा मिल रहा है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त एक्शन
सरकार ने एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए देश भर में कड़ी कार्रवाई शुरू की है। उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में अब तक 3500 से अधिक छापे मारे गए हैं, और करीब 1400 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
तेल कंपनियों के अधिकारियों ने 2000 से अधिक पेट्रोल पंप और एलपीजी एजेंसियों पर अचानक जांच भी की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपूर्ति सुचारू बनी रहे और किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो। सरकार ने स्पष्ट किया है कि युद्ध जैसे हालात के बावजूद, घरेलू एलपीजी और पीएनजी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही, अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को भी विशेष प्राथमिकता मिल रही है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
कमर्शियल एलपीजी आपूर्ति को संकट-पूर्व स्तर के 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है।
यह बढ़ोतरी कब से लागू हुई है?
यह बढ़ोतरी 23 मार्च से लागू हुई है।
सरकार का मुख्य फोकस किन क्षेत्रों पर है?
सरकार का मुख्य फोकस फूड सर्विस सेक्टर और सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) पर है।
PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) को क्यों बढ़ावा दिया जा रहा है?
PNG एक स्थायी और कुशल ऊर्जा समाधान है, जिसे दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है।
क्या एलपीजी लेने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है?
जी हां, व्यावसायिक एलपीजी लेने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा, और पीएनजी के लिए आवेदन करना होगा।
जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?
सरकार देश भर में लगातार छापेमारी कर रही है, सिलेंडर जब्त कर रही है और पेट्रोल पंपों व एलपीजी एजेंसियों पर अचानक जांच कर रही है।