2026: बड़ा धमाका! ट्रंप ने NATO को बताया ‘कागज़ी शेर’, होर्मुज पर भड़के

अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल के माध्यम से नाटो देशों पर जमकर भड़ास निकाली है। ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मुद्दे पर ट्रंप ने नाटो के सहयोगियों को ‘कागज़ी शेर’ करार दिया है और उनकी निष्क्रियता पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर है और वैश्विक तेल कीमतें आसमान छू रही हैं।

मुख्य बिंदु

  • डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों को ‘कागज़ी शेर’ कहा और उन पर ईरान युद्ध में शामिल न होने का आरोप लगाया।
  • ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने में नाटो की मदद न करने पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की।
  • ईरान ने 4 मार्च से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल संकट गहरा गया है।
  • जलडमरूमध्य में हजारों जहाज और हजारों समुद्री यात्री फंसे हुए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

ट्रंप की NATO पर ‘कागज़ी शेर’ वाली फटकार

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका के बिना नाटो एक ‘कागज़ी शेर’ है। उन्होंने नाटो सहयोगियों को फटकार लगाते हुए कहा कि वे परमाणु शक्ति वाले ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते थे। ट्रंप के अनुसार, अब जब वह लड़ाई फ़ौरी तौर पर जीत ली गई है और नाटो के लिए खतरा भी बहुत कम है, तो वे ऊंची तेल कीमतों की शिकायत कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें महंगा तेल खरीदना पड़ रहा है।

ट्रंप नाटो होर्मुज

अमेरिकी राष्ट्रपति ने नाटो देशों पर इस बात को लेकर भी गुस्सा जाहिर किया कि वे ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज’ को खुलवाने में मदद नहीं करना चाहते हैं। ट्रंप ने इसे एक आसान सी फौजी कार्रवाई बताया, जिसमें जोखिम भी बेहद कम है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: वैश्विक तनाव का केंद्र

होर्मुज का बंद होना और तेल कीमतें

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की ताजा स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। ईरान ने 4 मार्च से इस रणनीतिक जलमार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। ईरान ने इस स्ट्रेट से होकर जहाजों को न गुजरने की चेतावनी दी है और शुरुआती दिनों में कुछ जहाजों पर हमले भी किए। ईरान का दावा है कि उसने समंदर में माइंस बिछा दी हैं और ट्रैफिक रोक दिया है।

इस बंद के कारण रोजाना के 100 से ज्यादा जहाजों की बजाय अब सिर्फ कुछ ही टैंकर गुजर पा रहे हैं, और वे भी ईरान की सहमति के बाद। पिछले 24 घंटों में कोई क्रूड ऑयल टैंकर नहीं गुजरा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं और वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा रहा है।

फंसे हुए जहाज और अंतर्राष्ट्रीय असर

लगभग 3,200 जहाज और 20,000 समुद्री यात्री इस जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं। ईरान ने हाल ही में कुछ ‘फ्रेंडली’ देशों जैसे चीन और भारत के जहाजों को अनुमति दी है, लेकिन अमेरिका-इजरायल से जुड़े जहाजों पर रोक बरकरार है। यह स्थिति वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है।

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क्या है NATO?

नाटो (NATO) 1949 में बना एक सैन्य गठबंधन है, जिसमें अमेरिका, कनाडा और कई यूरोपीय देश शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सामूहिक रक्षा है, जिसका अर्थ है कि यदि नाटो के किसी एक सदस्य पर हमला होता है, तो इसे सभी पर हमला माना जाता है। वर्तमान में इसमें 30+ देश हैं, जो सुरक्षा और सहयोग के लिए साथ काम करते हैं। आप नाटो के बारे में अधिक जानकारी NATO की आधिकारिक वेबसाइट पर प्राप्त कर सकते हैं।

ट्रंप का सीधा संदेश: “हम याद रखेंगे!”

अपनी भड़ास निकालते हुए ट्रंप ने नाटो देशों पर कहा कि उनके लिए ऐसा करना कितना आसान है और इसमें जोखिम भी कितना कम है। अंत में, डोनाल्ड ट्रंप ने एक चेतावनी भरे लहजे में कहा कि “कायरो हम इस बात को याद रखेंगे!” यह दर्शाता है कि ट्रंप नाटो की इस कथित निष्क्रियता को भविष्य में भी एक महत्वपूर्ण मुद्दे के तौर पर देखेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों को क्या कहकर फटकार लगाई है?
A1: डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों को ‘कागज़ी शेर’ कहकर फटकार लगाई है और उन पर ईरान युद्ध तथा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने में मदद न करने का आरोप लगाया है।

Q2: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों महत्वपूर्ण है और इसकी वर्तमान स्थिति क्या है?
A2: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है। वर्तमान में ईरान ने इसे प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिससे हजारों जहाज फंसे हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है।

Q3: नाटो (NATO) क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?
A3: नाटो (North Atlantic Treaty Organization) 1949 में बना एक सैन्य गठबंधन है जिसमें अमेरिका, कनाडा और कई यूरोपीय देश शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सामूहिक रक्षा है, जिसके तहत एक सदस्य पर हमला सभी पर हमला माना जाता है।

Q4: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा है?
A4: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं क्योंकि तेल की आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है।

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