अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह से खोलने के लिए 48 घंटे की नई डेडलाइन दी है। यह ट्रंप की ईरान को चेतावनी तब आई है, जब कुछ ही घंटे पहले ईरान ने दक्षिणी इजराइल के एक अघोषित परमाणु ठिकाने पर हमला किया, जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हुए। इस घटना ने मध्य पूर्व में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

मुख्य बिंदु
- ट्रंप ने ईरान को होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया, वरना पावर प्लांट पर हमले की धमकी।
- ईरान ने इजराइल के डिमोना स्थित अघोषित परमाणु ठिकाने पर मिसाइल हमला किया, जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हुए।
- होर्मुज़ स्ट्रेट, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का 20% हिस्सा गुजरता है, ईरान द्वारा बंद कर दिया गया है।
- इस संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल आया है, कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार।
2026: ट्रंप की ईरान को चेतावनी, होर्मुज़ स्ट्रेट पर अल्टीमेटम
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि अगर ईरान ने अगले 48 घंटों में बिना किसी धमकी के होर्मुज़ स्ट्रेट नहीं खोला, तो अमेरिका उसके कई पावर प्लांटों पर हमला करके उन्हें तबाह कर देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इसकी शुरुआत ईरान के सबसे बड़े प्लांट से होगी। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब क्षेत्र में तनाव अपनी चरम सीमा पर है।
क्यों अहम है होर्मुज़ स्ट्रेट?
होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त तेल शिपिंग मार्गों में से एक है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद ईरान ने इसे प्रभावी रूप से बंद कर दिया था। यह जलमार्ग उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान व संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से घिरा हुआ है। इसकी सामरिक अहमियत इतनी ज़्यादा है कि दुनिया के करीब 20% तेल और लिक्विड नेचुरल गैस (एलएनजी) का परिवहन आमतौर पर इसी स्ट्रेट से होता है। आप होर्मुज़ जलसन्धि के बारे में अधिक जानकारी विकिपीडिया पर पढ़ सकते हैं।
होर्मुज़ बंद होने का वैश्विक असर
होर्मुज़ स्ट्रेट बंद होने से वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेज़ उछाल आया है। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है, जो इस साल लगभग 70% और पिछले साल की तुलना में करीब 50% ज़्यादा है। आमतौर पर हर महीने लगभग 3,000 जहाज़ इस रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन हाल के दिनों में यह संख्या काफ़ी घट गई है। ईरान ने टैंकरों और अन्य जहाज़ों पर हमले की धमकी भी दी है।
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इजराइल के ‘परमाणु ठिकाने’ पर ईरान का हमला
ट्रंप की चेतावनी से कुछ घंटे पहले ही ईरान ने दक्षिणी इजराइल को निशाना बनाते हुए दो मिसाइलें दागीं। इन मिसाइलों ने इजराइल के अघोषित परमाणु ठिकाने, डिमोना को निशाना बनाया। इस हमले में 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए, जिसे जंग शुरू होने के बाद का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। रेस्क्यू टीम के अनुसार, अरद शहर में 88 लोग घायल हुए, जिनमें 10 की हालत गंभीर है।
ट्रंप के अन्य बयान और ईरान का जवाब
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर ईरान को लेकर कुछ नए बयान साझा किए हैं। उन्होंने इस आरोप को ख़ारिज किया कि वह ईरान में अपने लक्ष्यों को हासिल करने में ‘असफल रहे हैं।’ उन्होंने कहा, “हाँ, मैंने हासिल किया है और तय समय से कई हफ़्ते पहले।” वहीं, ईरान की सेना ने ट्रंप की धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वो क्षेत्र में अमेरिका और उससे जुड़े देशों के ऊर्जा केंद्रों और पानी शुद्ध करने वाले प्लांटों पर हमले करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. ट्रंप ने ईरान को होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने के लिए कितनी डेडलाइन दी है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह से खोलने के लिए 48 घंटे की डेडलाइन दी है।
2. होर्मुज़ स्ट्रेट क्यों महत्वपूर्ण है?
होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त तेल शिपिंग मार्गों में से एक है, जिससे वैश्विक तेल और एलएनजी का लगभग 20% परिवहन होता है।
3. होर्मुज़ स्ट्रेट बंद होने का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा है?
स्ट्रेट बंद होने से वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल आया है, और कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है।
4. इजराइल के किस ठिकाने पर ईरान ने हमला किया?
ईरान ने दक्षिणी इजराइल के डिमोना स्थित अघोषित परमाणु ठिकाने पर मिसाइल हमला किया।
5. ईरान ने ट्रंप की चेतावनी पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि वह क्षेत्र में अमेरिका और उससे जुड़े देशों के ऊर्जा केंद्रों तथा पानी शुद्ध करने वाले प्लांटों पर हमला करेगी।