मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जिसने निवेशकों को सोमवार को हुई भारी गिरावट से राहत दी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1500 अंकों से ज्यादा उछलकर 74,000 के पार पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 23,000 के करीब कारोबार करता दिखा। इस अप्रत्याशित उछाल के पीछे अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान और क्रूड ऑयल की कीमतों में आई गिरावट को मुख्य वजह माना जा रहा है।
मुख्य बिंदु
- सोमवार के क्रैश के बाद मंगलवार को शेयर बाजार में बंपर तेजी दर्ज की गई।
- सेंसेक्स 1500 अंक उछलकर 74,000 के पार और निफ्टी 23,000 के करीब पहुंचा।
- अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान युद्ध संबंधी बयान ने वैश्विक बाजारों को सकारात्मक संकेत दिए।
- क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट ने भी निवेशकों के सेंटिमेंट को बेहतर बनाया।
सोमवार के क्रैश के बाद मंगलवार को लौटा मंगल: शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी
बीते कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली थी, जहां मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण दोनों प्रमुख इंडेक्स धड़ाम हो गए थे। हालांकि, मंगलवार की सुबह निवेशकों के लिए आशा की नई किरण लेकर आई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही जोरदार तेजी के साथ खुले, जिससे पूरे बाजार में एक बार फिर हरियाली छा गई।

बाजार खुलने के साथ ही रौनक लौट आई। बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 72,696 अंक के मुकाबले 1500 अंक से अधिक की बढ़त के साथ 74,212 पर खुला। वहीं, एनएसई का निफ्टी-50 भी 22,512.65 के बंद स्तर से उछलकर 22,878 पर खुला और जल्द ही 22,899 के स्तर तक जा पहुंचा।
खुलते ही रॉकेट बने सेंसेक्स-निफ्टी के आंकड़े
मंगलवार को शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत बेहद दमदार रही। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही 1500 अंक से ज्यादा उछलकर 74,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। शुरुआती कारोबार के बाद हालांकि थोड़ी धीमी गति हुई, लेकिन फिर भी सेंसेक्स 1000 अंकों से अधिक की बढ़त बनाए रखने में कामयाब रहा।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी सेंसेक्स की राह पर चला। निफ्टी-50 ने पिछले बंद के मुकाबले तेज रफ्तार पकड़ी और 23,000 के बेहद करीब पहुंच गया। यह दर्शाता है कि सोमवार की बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों का भरोसा तेजी से लौटा है।
हर ओर दिखी हरियाली: लार्जकैप से स्मॉलकैप तक
सोमवार के स्टॉक मार्केट क्रैश के बाद मंगलवार को लौटी रौनक के बीच हर तरफ हरियाली छाई रही। बड़े शेयरों (लार्जकैप) से लेकर छोटे शेयरों (स्मॉलकैप) तक, सभी में खरीदारी का रुझान देखा गया। बीएसई लार्जकैप में शामिल 30 में से 29 शेयर ग्रीन जोन में कारोबार कर रहे थे, जो बाजार की व्यापक तेजी को दर्शाता है।
सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में Eternal Share (3.60%), IndiGo Share (3.20%), Asian Paints Share (3%), Adani Ports Share (2.90%), Titan Share (2.50%) और Trent Share (2.45%) शामिल रहे। यह सकारात्मक माहौल निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया।
बाजार में तेजी का अप्रत्याशित डोनाल्ड ट्रंप कनेक्शन
शेयर बाजार में आई तेजी का सीधा संबंध अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान से है। दरअसल, बीते दिनों ईरान पर होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खोलने का दबाव बनाते हुए ट्रंप ने उसे 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था और ईरान की एनर्जी साइट्स पर हमले की धमकी भी दी थी। इस बयान से वैश्विक बाजारों में चिंता का माहौल बन गया था।
हालांकि, सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक अपने सुर बदले और ईरान पर प्रस्तावित हमलों के प्लान को 5 दिन के लिए टालने का ऐलान कर दिया। इस घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों को तुरंत सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। अमेरिकी बाजारों में अचानक तेजी आई, और इसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा, जिसने भारतीय शेयर बाजार को भी जोरदार उछाल दिया। यह वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं का सेंसेक्स और निफ्टी पर सीधा प्रभाव दिखाता है।
क्रूड ऑयल की गिरावट का भी मिला साथ
शेयर बाजार की इस तेजी में केवल डोनाल्ड ट्रंप का बयान ही नहीं, बल्कि क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमतों में आई गिरावट ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सोमवार को क्रूड ऑयल की कीमत 112 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रही थी, जो वैश्विक तनाव का संकेत था। लेकिन ट्रंप के ईरान पर किए गए ऐलान के बाद, मंगलवार को क्रूड ऑयल की कीमतें गिरकर 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गईं।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से वैश्विक अर्थव्यवस्था और विशेष रूप से भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए महंगाई का दबाव कम होता है। इससे कंपनियों की लागत घटती है और उनका मुनाफा बढ़ सकता है, जिससे निवेशकों का सेंटिमेंट सकारात्मक होता है और शेयर बाजार में खरीदारी बढ़ती है।
अधिक जानकारी के लिए: आप डोनाल्ड ट्रंप के बारे में विकिपीडिया पर पढ़ सकते हैं, ताकि उनके बयानों के वैश्विक प्रभाव को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें। यह जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है।)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: मंगलवार को शेयर बाजार में इतनी तेजी क्यों आई?
A1: मंगलवार को शेयर बाजार में तेजी अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान युद्ध संबंधी बयानों में नरमी और वैश्विक क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट के कारण आई।
Q2: सेंसेक्स और निफ्टी ने कितने अंकों की बढ़त दर्ज की?
A2: शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1500 अंक से ज्यादा उछलकर 74,000 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 23,000 के करीब कारोबार करता दिखा।
Q3: डोनाल्ड ट्रंप के किस बयान का बाजार पर असर पड़ा?
A3: ट्रंप ने ईरान पर प्रस्तावित हमलों के प्लान को 5 दिन के लिए टालने का ऐलान किया, जिससे वैश्विक और भारतीय बाजारों में सकारात्मक माहौल बना।
Q4: क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट का क्या प्रभाव पड़ा?
A4: क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महंगाई का दबाव कम होता है, जिससे कंपनियों का मुनाफा बढ़ने की उम्मीद में निवेशकों का सेंटिमेंट सुधरता है और बाजार में तेजी आती है।
Q5: सोमवार को शेयर बाजार में इतनी गिरावट क्यों आई थी?
A5: सोमवार को मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बड़े पैमाने पर गिरे थे।