होली का त्यौहार नजदीक है, और देशभर के हलवाइयों के लिए यह समय पकवान बनाने और खुशियाँ बांटने का होता है। लेकिन इस बार, होली से ठीक पहले उन्हें महंगाई का एक बड़ा झटका लगा है। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी कर दी है। यह लगातार तीसरा महीना है जब इन सिलेंडरों के दाम बढ़े हैं, जिससे मिठाई और नमकीन बनाने की लागत बढ़ने की आशंका है।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें
आज से, 19 किलो वाले कमर्शियल यानी हलवाई सिलेंडर की कीमत में 31 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि देशभर के विभिन्न शहरों में अलग-अलग हो सकती है, लेकिन इसका असर सभी व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

दिल्ली में क्या है नया रेट?
देश की राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का दाम अब 28 रुपये बढ़कर 1768.50 रुपये हो गया है। यह आंकड़ा सीधे तौर पर उन व्यवसायों को प्रभावित करेगा जो बड़े पैमाने पर खाना पकाने या मिठाइयां बनाने के लिए इन सिलेंडरों का उपयोग करते हैं।
पिछले तीन महीनों का लेखा-जोखा
यह कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार तीसरी बढ़ोतरी है।
- फरवरी 2026: 1 फरवरी से कीमतों में 49 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी।
- जनवरी 2026: 1 जनवरी से 111 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई थी।
- कुल वृद्धि: पिछले तीन महीनों में (जनवरी, फरवरी और अब मार्च), कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर कुल 188 रुपये महंगा हो चुका है।
घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर असर?
यह एक राहत की खबर है कि 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के दाम में कोई फेरबदल नहीं हुआ है। यानी, आम घरों में इस्तेमाल होने वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। यह बढ़ोतरी केवल व्यावसायिक उपयोग के लिए ही है।
होली पर हलवाइयों के लिए चुनौती
होली का त्यौहार हलवाइयों के लिए कमाई का एक बड़ा मौका होता है। इस दौरान मिठाइयों और नमकीन की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का महंगा होना उनकी उत्पादन लागत को सीधे तौर पर बढ़ाएगा। इस बढ़ी हुई लागत का बोझ या तो उन्हें खुद उठाना पड़ेगा, जिससे उनके मुनाफे में कमी आएगी, या फिर उन्हें मिठाइयों और अन्य उत्पादों की कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं, जिसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।
आम जनता पर संभावित प्रभाव
हालांकि यह वृद्धि सीधे तौर पर घरेलू उपभोक्ताओं को प्रभावित नहीं कर रही है, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव दिख सकता है। रेस्टोरेंट, ढाबे, और मिठाई की दुकानों पर खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं। त्यौहारों के समय जब लोग बाहर से मिठाई या भोजन खरीदना पसंद करते हैं, तो उन्हें अधिक भुगतान करना पड़ सकता है।
सरकार को इस मुद्दे पर विचार करना चाहिए, खासकर त्यौहारों के समय में, ताकि छोटे व्यवसायों और आम जनता पर महंगाई का बोझ कम हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत कितनी बढ़ी है?
आज से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 31 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में यह 28 रुपये बढ़कर 1768.50 रुपये हो गया है।
क्या घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी बढ़ी हैं?
नहीं, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
होली पर हलवाइयों पर इसका क्या असर होगा?
होली से पहले कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से हलवाइयों की उत्पादन लागत बढ़ेगी। इससे या तो उनका मुनाफा कम होगा या उन्हें मिठाइयों और अन्य उत्पादों की कीमतें बढ़ानी पड़ेंगी, जिसका बोझ ग्राहकों पर पड़ सकता है।
यह लगातार कौन सा महीना है जब कमर्शियल सिलेंडर महंगा हुआ है?
यह लगातार तीसरा महीना है जब 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। पिछले तीन महीनों में कुल 188 रुपये की वृद्धि हो चुकी है।