इमेज स्रोत, Getty Images
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दूसरा कार्यकाल उनकी विदेश नीति की महत्वाकांक्षाओं के मुताबिक़ आकार ले रहा है.
उन्होंने वेनेज़ुएला के ख़िलाफ़ अपनी धमकियों को बिल्कुल नाटकीय अंदाज़ में अंजाम दिया. रात के वक़्त की गई एक कार्रवाई में वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को राजधानी काराकास में भारी क़िलेबंदी के बीच पकड़ लिया गया.
इस अभियान का ज़िक्र करते हुए, ट्रंप ने साल 1823 के ‘मुनरो डॉक्ट्रिन’ को फिर से सामने रखा और उसे नया नाम दिया ‘डोनरो डॉक्ट्रिन’.
जेम्स मुनरो अमेरिका के पाँचवें राष्ट्रपति थे. इस दौरान ‘मुनरो डॉक्ट्रिन’ अमेरिकी विदेश नीति का अहम हिस्सा थी, जिसके मुताबिक़ पश्चिमी गोलार्ध यानी अमेरिकी महाद्वीप को यूरोपीय शक्तियों के प्रभाव से मुक्त रहना चाहिए.
बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
हाल के दिनों में ट्रंप ने अमेरिका के निशाने पर रहे कुछ अन्य देशों के ख़िलाफ़ जो चेतावनियां दी हैं, यहाँ उनमें से कुछ का ज़िक्र करते हैं.
ग्रीनलैंड
इमेज स्रोत, Getty Images
अमेरिका के पास पहले से ही ग्रीनलैंड में एक सैन्य अड्डा ‘पिटुफिक स्पेस बेस’ है. लेकिन ट्रंप यह पूरा द्वीप अमेरिका के क़ब्ज़े में चाहते हैं.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से हमें ग्रीनलैंड की ज़रूरत है.
ट्रंप ने कहा कि यह क्षेत्र “हर जगह रूसी और चीनी जहाजों से भरा हुआ है.”
यह विशाल आर्कटिक द्वीप डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा और अमेरिका के उत्तर-पूर्व में क़रीब दो हज़ार मील (3,200 किमी) की दूरी पर स्थित है.
यह उन रेयर अर्थ मिनरल्स से समृद्ध इलाक़ा है, जो स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक वाहनों और सैन्य साजो सामान बनाने के लिहाज से काफ़ी अहम हैं. वर्तमान में, चीन रेयर अर्थ मिनरल्स के उत्पादन में अमेरिका से बहुत आगे है.
ग्रीनलैंड उत्तरी अटलांटिक में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थान रखता है. यहाँ से आर्कटिक सर्कल तक पहुंच मिलती है, जिसका महत्व तेजी से बढ़ रहा है, क्योंकि आने वाले वर्षों में ध्रुवीय बर्फ पिघलने से नए समुद्री मार्ग खुलने की उम्मीद है.
ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ़्रेडरिक नीलसन ने ट्रंप को जवाब देते हुए द्वीप पर अमेरिकी नियंत्रण की धारणा को “काल्पनिक” बताया.
उन्होंने कहा, “अब और दबाव नहीं, अब और इशारे नहीं. अब और विलय की कल्पनाएं नहीं. हम संवाद के लिए तैयार हैं. हम चर्चाओं के लिए तैयार हैं, लेकिन यह उचित तरीके से और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का सम्मान करते हुए होना चाहिए.”
ग्रीनलैंड पर क़ब्ज़ा करने का अमेरिका का कोई भी प्रयास उसे नेटो के किसी अन्य सदस्य देश के साथ संघर्ष में डाल देगा, जिससे संभवतः गठबंधन ख़तरे में पड़ जाएगा.
कोलंबिया
इमेज स्रोत, Getty Images
वेनेज़ुएला में ऑपरेशन के कुछ ही घंटों बाद, ट्रंप ने कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो को “अपनी जान बचाने” की चेतावनी दी.
वेनेज़ुएला का पश्चिमी पड़ोसी देश कोलंबिया, तेल के विशाल भंडारों का घर है और सोना, चांदी, पन्ना, प्लेटिनम और कोयले का एक प्रमुख उत्पादक है.
यह क्षेत्र में नशीले पदार्थों के व्यापार, विशेष रूप से कोकीन के व्यापार के लिए भी बदनाम है.
सितंबर में अमेरिका ने कैरिबियन और पूर्वी प्रशांत महासागर में नावों पर हमले शुरू कर दिए थे. उसने बिना किसी सबूत के यह आरोप लगाया गया कि ये नावें ड्रग्स ले जा रही थीं. इससे ट्रंप कोलंबिया के वामपंथी राष्ट्रपति के साथ एक विवाद में उलझे हुए हैं, जो बढ़ता ही जा रहा है.
अमेरिका ने अक्तूबर में पेत्रो पर यह कहते हुए प्रतिबंध लगा दिए हैं कि ‘वह कार्टेल को “फलने-फूलने” की अनुमति दे रहे थे.’
रविवार को एयर फ़ोर्स वन में बोलते हुए, ट्रंप ने कहा कि कोलंबिया को “एक बीमार व्यक्ति चला रहा है जिसे कोकीन बनाना और उसे अमेरिका में बेचना पसंद है.”
उन्होंने कहा कि उन्हें इसे बहुत लंबे समय तक नहीं करने दिया जाएगा.
जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका कोलंबिया को निशाना बनाकर कोई ऑपरेशन करेगा, तो ट्रंप ने जवाब दिया, “ऐसा सुनना मुझे अच्छा लगता है.”
कोलंबिया ऐतिहासिक तौर पर अमेरिका के ड्रग्स विरोधी युद्ध में एक क़रीबी सहयोगी रहा है, और ड्रग कार्टेल का मुक़ाबला करने के लिए सालाना लाख़ों डॉलर की सैन्य सहायता प्राप्त करता रहा है.
ईरान
इमेज स्रोत, Getty Images
ईरान इस समय बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों का सामना कर रहा है और ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर और अधिक प्रदर्शनकारियों की मौत हुई तो वहां के अधिकारियों को “बहुत कड़ी सज़ा” मिलेगी.
उन्होंने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा, “हम इस पर बहुत क़रीब से नज़र रख रहे हैं. अगर वे पहले की तरह लोगों को मारना शुरू कर देते हैं, तो मुझे लगता है कि अमेरिका उन्हें कठोर जवाब देगा.”
सैद्धांतिक रूप से ईरान “डोनरो सिद्धांत” में परिभाषित दायरे से बाहर आता है, लेकिन ट्रंप ने पिछले साल ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने के बाद ईरानी शासन को आगे की कार्रवाई की धमकी दी थी.
ये हमले उस समय हुए जब इसराइल ने ईरान की परमाणु हथियार विकसित करने की क्षमता को ख़त्म करने के मक़सद से बड़े पैमाने पर एक अभियान शुरू किया था, जिसके बाद ईरान और इसराइल के बीच 12 दिनों तक संघर्ष हुआ.
पिछले सप्ताह मार-ए-लागो में ट्रंप और इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के बीच हुई बैठक में ईरान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था. अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नेतन्याहू ने साल 2026 में ईरान पर नए हमले करने की संभावना जताई.
मेक्सिको
इमेज स्रोत, Getty Images
साल 2016 में ट्रंप के पहली बार सत्ता में आने की शुरुआत मेक्सिको के साथ दक्षिणी सीमा पर “दीवार बनाने” के उनके बयान से हुई थी.
साल 2025 में अपने कार्यकाल के पहले ही दिन, उन्होंने ‘गल्फ़ ऑफ़ मेक्सिको’ (मेक्सिको की खाड़ी) का नाम बदलकर ‘गल्फ़ ऑफ़ अमेरिका’ करने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए.
उन्होंने अक्सर यह दावा किया है कि मेक्सिको के अधिकारी अमेरिका में ड्रग्स या अवैध आप्रवासियों का आना रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं.
रविवार को ट्रंप ने कहा कि मेक्सिको के रास्ते ड्रग्स की “भरपूर तस्करी” हो रही है और “हमें कुछ करना होगा”, साथ ही उन्होंने कहा कि वहां के ड्रग कार्टेल “बहुत ताक़तवर” हैं.
ट्रंप कहा कि उन्होंने मेक्सिको में ड्रग कार्टेल से निपटने के लिए अमेरिकी सैनिकों को भेजने की पेशकश की है, लेकिन राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने सार्वजनिक रूप से मेक्सिको की ज़मीन पर किसी भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को ख़ारिज कर दिया है.
क्यूबा
इमेज स्रोत, Getty Images
फ्लोरिडा से महज 90 मील (145 किमी) दक्षिण में स्थित यह द्वीप (राष्ट्र) 1960 के दशक की शुरुआत से ही अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है.
क्यूबा के वेनेज़ुएला के साथ घनिष्ठ संबंध थे, जिसने कथित तौर पर क्यूबा को क़रीब 30% तेल की आपूर्ति की थी, जिसके बदले वेनेज़ुएला को क्यूबा से डॉक्टर और चिकित्साकर्मी मिले थे.
वेनेज़ुएला से निकोलस मादुरो के सत्ता से हटने के बाद, तेल आपूर्ति ठप होने की स्थिति में क्यूबा मुश्किलों में घिर सकता है.
ट्रंप ने रविवार को सुझाव दिया कि वहां अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है, क्योंकि क्यूबा “झुकने के लिए तैयार है.”
उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि हमें किसी कार्रवाई की ज़रूरत है. ऐसा लगता है कि हालात सुधर रहे हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे नहीं पता कि वे टिक पाएंगे या नहीं, लेकिन क्यूबा के पास अब कोई आय नहीं है. उनकी सारी आय वेनेज़ुएला से, वेनेज़ुएला के तेल से आती थी.”
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो जो क्यूबा के आप्रवासियों के बेटे हैं, वे लंबे समय से क्यूबा में सत्ता परिवर्तन की मांग करते रहे हैं.
उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से कहा, “अगर मैं हवाना में रहता और सरकार में होता, तो मैं कम से कम थोड़ा तो चिंतित होता.”
उन्होंने कहा, “जब राष्ट्रपति (ट्रंप) बोलते हैं, तो आपको उनकी बात को गंभीरता से लेना चाहिए.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
