उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन कार्यक्रम को एक ऐतिहासिक क्षण बताया। ‘भारत माता की जय’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारों के साथ अपना संबोधन शुरू करते हुए उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट नए भारत के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के विकास को नई गति प्रदान करेगी। यह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, जिसे जेवर एयरपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है, प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखता है।
मुख्य बिंदु
- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो नए भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वैश्विक नेता बताया, जिनके मार्गदर्शन में विकास और विरासत दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।
- वैश्विक अस्थिरता और तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद, भारत में आर्थिक स्थिति नियंत्रण में है, जिसका श्रेय केंद्र सरकार के एक्साइज ड्यूटी घटाने के फैसले को जाता है।
- यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी हब में बदल देगा, जिससे लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
2026: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: उत्तर प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक मोड़
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन केवल एक हवाई अड्डे का शुभारंभ नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे ‘ऐतिहासिक क्षण’ कहकर इसकी महत्ता पर जोर दिया, जो प्रदेश की बदलती पहचान और आकांक्षाओं को दर्शाता है। यह परियोजना भारत के सबसे बड़े राज्यों में से एक को वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

“भारत माता की जय” से “हर-हर महादेव” तक: मुख्यमंत्री का विजन
अपने संबोधन की शुरुआत में लगाए गए जोशीले नारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस परियोजना के प्रति उत्साह और इसके राष्ट्रीय महत्व को दर्शाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एयरपोर्ट मात्र हवाई यात्रा का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और ‘नए भारत’ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यह विजन प्रदेश के चहुंमुखी विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और युवाओं के लिए असीम अवसरों की कल्पना करता है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जेवर एयरपोर्ट परियोजना केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा संकल्प है जो भारत को विश्व पटल पर एक नई पहचान दिलाएगा।
नए भारत के निर्माण में जेवर की भूमिका
यह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा नए भारत के निर्माण की परिकल्पना को साकार करने में केंद्रीय भूमिका निभाएगा। इसका डिजाइन, क्षमता और भविष्य की विस्तार योजनाएं इसे एक अत्याधुनिक सुविधा बनाती हैं जो वैश्विक मानकों पर खरी उतरती है। यह न केवल हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि निवेश, व्यापार और पर्यटन के नए द्वार भी खोलेगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को लाभ होगा और नए व्यवसायों के पनपने का अवसर मिलेगा। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र को आगे बढ़ाता है, जहाँ विकास के लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: विकास और विरासत के यशस्वी पथप्रदर्शक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया का सबसे लोकप्रिय और यशस्वी नेता बताया। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन में देश विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर चल रहा है। यह एक ऐसा संतुलन है जो भारत की प्राचीन संस्कृति और आधुनिक प्रगति दोनों को सम्मान देता है। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता ने देश को एक नई दिशा दी है, जिससे भारत वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहा है।
वैश्विक नेता का मार्गदर्शन
प्रधानमंत्री मोदी का दृढ़ नेतृत्व और स्पष्ट विजन भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत स्थिति में ला रहा है। उनके मार्गदर्शन में देश ने कई महात्वाकांक्षी परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिनमें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी विशाल परियोजनाएँ भी शामिल हैं। यह नेतृत्व न केवल देश के भीतर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी भारत की भूमिका को मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से ही उत्तर प्रदेश में विकास की नई धारा बह रही है।
उत्तर प्रदेश की जनता का आभार
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री का स्वागत किया और कहा कि यह मौका उनके प्रति आभार व्यक्त करने का है। यह आभार केवल इस एयरपोर्ट के लिए नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में हो रहे समग्र विकास के लिए है। प्रधानमंत्री की नीतियों और कार्यक्रमों से प्रदेश के हर कोने में परिवर्तन आया है, चाहे वह बुनियादी ढाँचा हो, स्वास्थ्य सेवाएँ हों, या शिक्षा का क्षेत्र हो। जनता का यह आभार इस बात का प्रमाण है कि डबल इंजन सरकार सही दिशा में काम कर रही है और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा कर रही है।
आर्थिक स्थिरता और देश प्रथम की भावना
मुख्यमंत्री योगी ने वैश्विक परिदृश्य में भारत की आर्थिक स्थिरता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के कई हिस्सों में अव्यवस्था और अस्थिरता है और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, तब भारत में स्थिति नियंत्रित है। यह भारत की मजबूत आर्थिक नीतियों और सरकार की दूरदर्शिता का परिणाम है। यह स्थिरता न केवल आम जनता को राहत देती है, बल्कि निवेशकों के लिए भी एक अनुकूल माहौल बनाती है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूत स्थिति
आज विश्व कई आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में, भारत की स्थिर अर्थव्यवस्था और नियंत्रित मुद्रास्फीति एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि जबकि कई विकसित देशों में भी मंदी और अस्थिरता का खतरा मंडरा रहा है, भारत लगातार विकास पथ पर अग्रसर है। यह केंद्र सरकार की सूझबूझ और प्रभावी आर्थिक प्रबंधन का सीधा परिणाम है, जिसने देश को इन वैश्विक झटकों से बचाया है। भारत की अर्थव्यवस्था अब अधिक लचीली और मजबूत हो चुकी है, जो किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है।
पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर नियंत्रण: केंद्र सरकार का योगदान
योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार के एक्साइज ड्यूटी घटाने के फैसले के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया और इसे आम जनता को राहत देने वाला कदम बताया। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है और सरकार का यह निर्णय जन-कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। यह दर्शाता है कि सरकार केवल बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर ही ध्यान नहीं दे रही, बल्कि आम लोगों के दैनिक जीवन को भी बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कदम देश की मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिरता बनाए रखने में भी सहायक रहा।
पिछले एक दशक का विकास: “देश प्रथम” का परिणाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11-12 सालों में “देश प्रथम” की भावना के साथ जो काम हुए हैं, उनका नतीजा आज हर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। यह भावना केवल नारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार की हर नीति और कार्यक्रम के मूल में है। चाहे वह ग्रामीण विकास हो, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर हो, डिजिटल इंडिया हो या रक्षा क्षेत्र हो, हर जगह भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इसी ‘देश प्रथम’ की भावना का एक जीता-जागता उदाहरण है, जहाँ राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर इतने बड़े पैमाने की परियोजना को रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया।
उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर: डबल इंजन सरकार का कमाल
मुख्यमंत्री योगी ने गर्व से कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को विकास में बाधा माना जाता था, लेकिन अब डबल इंजन सरकार की वजह से प्रदेश ने तेजी से विकास किया है और अपनी नई पहचान बनाई है। यह परिवर्तन केवल आर्थिक आंकड़ों में ही नहीं, बल्कि लोगों के जीवन स्तर, सुरक्षा और अवसरों की उपलब्धता में भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है। उत्तर प्रदेश अब देश के लिए एक विकास इंजन बन गया है।
बाधा से विकास का इंजन
एक समय था जब उत्तर प्रदेश को देश के विकास पथ पर एक रोड़ा माना जाता था, जहाँ कानून-व्यवस्था की समस्याएँ थीं, और निवेश आकर्षित करना एक चुनौती थी। लेकिन, डबल इंजन सरकार के तहत, प्रदेश ने इस नकारात्मक छवि को पूरी तरह बदल दिया है। आज उत्तर प्रदेश निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य बन चुका है, और यहाँ बड़े पैमाने पर बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ चल रही हैं। यह परिवर्तन प्रदेश के लाखों नागरिकों के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है। उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियां अब विकास और रोजगार सृजन पर केंद्रित हैं, जिससे प्रदेश की पूरी तस्वीर बदल रही है।
रिकॉर्ड गति से परियोजना का क्रियान्वयन
इस एयरपोर्ट का शिलान्यास 25 नवंबर 2021 को हुआ था और आज उसके पहले चरण का उद्घाटन हो रहा है, जो इस बात का उदाहरण है कि काम कितनी तेज गति से हुआ। किसी भी बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना को इतने कम समय में पूरा करना एक असाधारण उपलब्धि है। यह कार्य संस्कृति में आए बदलाव, पारदर्शिता और निर्णय लेने की गति को दर्शाता है। यह गति ही उत्तर प्रदेश को अन्य राज्यों से अलग करती है और उसे विकास की दौड़ में आगे ले जाती है।
कनेक्टिविटी का नया आयाम: जेवर बनेगा उत्तर भारत का लॉजिस्टिक्स हब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट उत्तर भारत के लिए एक बड़ा लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी हब साबित होगा। इसकी रणनीतिक स्थिति और विभिन्न एक्सप्रेसवे से जुड़ाव इसे अद्वितीय बनाता है। यह सिर्फ यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि कार्गो मूवमेंट और व्यापार के लिए भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यह क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा और उत्तर प्रदेश को देश-विदेश के साथ बेहतर तरीके से जोड़ेगा।
रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और एक्सप्रेसवे नेटवर्क
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की भौगोलिक स्थिति अत्यंत रणनीतिक है। यह यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों और पड़ोसी राज्यों को एयरपोर्ट से सीधे जोड़ेगा, जिससे आवागमन आसान और तेज होगा। यह निर्बाध कनेक्टिविटी न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि औद्योगिक और व्यावसायिक विकास के लिए भी वरदान साबित होगी। यह हवाई अड्डा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवाई यातायात के दबाव को कम करने में भी मदद करेगा।
हाई-स्पीड रेल से जुड़ाव: भविष्य की तैयारी
इसके अलावा, भविष्य की हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं से भी इसे जोड़ने की योजना है, जिससे यह उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाई देगा। रेल और हवाई कनेक्टिविटी का यह संगम जेवर को एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब में बदल देगा, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएगा। यह भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए की गई योजना है, जो प्रदेश को अगले कई दशकों तक वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बनाए रखेगी।
रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएँ
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस परियोजना से लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपने आप में एक विशाल परिसर है जिसे संचालित करने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही, एयरपोर्ट के आसपास विकसित होने वाले औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्र भी बड़ी संख्या में रोजगार सृजित करेंगे।
लाखों युवाओं के लिए नए अवसर
यह एयरपोर्ट न केवल हवाई यातायात और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में, बल्कि इससे जुड़े अन्य उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेगा। एयरपोर्ट के संचालन, रखरखाव, सुरक्षा और ग्राहक सेवाओं के लिए हजारों लोगों की आवश्यकता होगी। इसके अतिरिक्त, एयरपोर्ट के आसपास होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी सेवाएं, खुदरा स्टोर और अन्य सहायक उद्योगों का विकास होगा, जो लाखों युवाओं को आजीविका प्रदान करेंगे। यह कौशल विकास कार्यक्रमों को भी बढ़ावा देगा, जिससे स्थानीय युवाओं को इन नए अवसरों के लिए तैयार किया जा सके।
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा
सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमई, मेडिकल डिवाइस और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। एयरपोर्ट की उपस्थिति घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करेगी, क्योंकि उन्हें बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स का लाभ मिलेगा। यह उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करेगा, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक इन यूपी’ जैसे अभियानों को बल मिलेगा। प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीतियाँ भी इन क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित कर रही हैं।
वैश्विक बाजार से सीधा जुड़ाव: मल्टी-मॉडल कार्गो हब
आने वाले समय में यह एयरपोर्ट एक मल्टी-मॉडल कार्गो हब के रूप में विकसित होगा और उत्तर प्रदेश को सीधे वैश्विक बाजारों से जोड़ेगा। उच्च मूल्य वाले उत्पादों और नाशवान वस्तुओं के निर्यात के लिए यह एक महत्वपूर्ण केंद्र होगा। यह किसानों को अपनी उपज को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद करेगा और छोटे व्यवसायों को भी निर्यात के अवसर प्रदान करेगा। भविष्य में यहां कई रनवे भी विकसित किए जाएंगे, जिससे यह एक बड़े ग्लोबल एयरपोर्ट का रूप लेगा, जो दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक बन सकता है।
अधिक जानकारी के लिए आप नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकिपीडिया पेज पर जा सकते हैं।
किसानों का विशेष आभार: विकास में सहभागिता
मुख्यमंत्री योगी ने उन किसानों का विशेष आभार जताया जिन्होंने इस परियोजना के लिए अपनी जमीन दी। यह एक महत्वपूर्ण पहलू है क्योंकि किसी भी बड़ी परियोजना की सफलता में स्थानीय लोगों, विशेषकर किसानों का सहयोग अत्यंत आवश्यक होता है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि किसानों को उनके योगदान का उचित सम्मान और मुआवजा मिले।
समयबद्ध मुआवजा और पुनर्वास
उन्होंने कहा कि समयबद्ध मुआवजा और पुनर्वास के जरिए किसानों को इस विकास यात्रा से जोड़ा गया है। यह सुनिश्चित किया गया कि किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य मिले और उनके पुनर्वास की व्यवस्था भी संतोषजनक हो। यह प्रक्रिया अन्य विकास परियोजनाओं के लिए एक मॉडल का काम करेगी, जहाँ किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए भूमि अधिग्रहण किया जा सके। सरकार की यह संवेदनशीलता और पारदर्शी प्रक्रिया ही इस परियोजना की सफलता की कुंजी है।
किसानों का योगदान: नींव का पत्थर
किसानों का यह सहयोग ही जेवर एयरपोर्ट जैसी विशाल परियोजना की नींव है। बिना उनके त्याग और समर्थन के, इस सपने को साकार करना असंभव होता। मुख्यमंत्री ने किसानों को इस विकास यात्रा का अभिन्न अंग बताया, जिनके योगदान से न केवल उनका जीवन बेहतर बनेगा, बल्कि पूरे प्रदेश और देश को लाभ होगा। यह विकास मॉडल ‘सबका साथ’ की भावना को सही मायने में दर्शाता है।
आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का बढ़ता कदम
अपने संबोधन के अंत में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उसी संकल्प को साकार करने का प्रतीक है। यह एयरपोर्ट प्रदेश को आर्थिक रूप से और मजबूत करेगा, जिससे यह अपनी जरूरतों को पूरा करने और देश के विकास में अपना योगदान देने में सक्षम होगा।
प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में संकल्प साकार
प्रधानमंत्री मोदी का आत्मनिर्भर भारत का विजन उत्तर प्रदेश में जमीन पर उतर रहा है। जेवर एयरपोर्ट इसी विजन का एक ठोस उदाहरण है, जो प्रदेश को वैश्विक व्यापार और लॉजिस्टिक्स के केंद्र में लाता है। यह न केवल प्रदेश की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगा, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास और तकनीकी नवाचार को भी बढ़ावा देगा। यह प्रदेश को एक ऐसे भविष्य की ओर ले जा रहा है जहाँ वह अपनी क्षमताओं पर निर्भर होकर प्रगति करेगा।
जेवर एयरपोर्ट: एक प्रतीक
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना नहीं, बल्कि यह बदलते उत्तर प्रदेश, नए भारत और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का एक शक्तिशाली प्रतीक है। यह दिखाता है कि कैसे दृढ़ इच्छाशक्ति, कुशल नेतृत्व और जनभागीदारी से बड़े से बड़े सपने को भी हकीकत में बदला जा सकता है। यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को एक नई पहचान देगा, उसे आधुनिकता और विकास के नए आयामों तक पहुंचाएगा, और लाखों लोगों के लिए बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक क्यों बताया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन को एक ऐतिहासिक क्षण बताया क्योंकि यह नए भारत के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर, तीव्र गति से हो रहे विकास और आत्मनिर्भरता के संकल्प का प्रतीक है, जो प्रदेश को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान देगा।
2. जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लिए किस प्रकार का हब बनेगा?
जेवर एयरपोर्ट उत्तर भारत के लिए एक बड़ा लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी हब बनेगा। यह यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, और भविष्य में हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं से भी जुड़ेगा। यह एक मल्टी-मॉडल कार्गो हब के रूप में विकसित होगा, जो प्रदेश को सीधे वैश्विक बाजारों से जोड़ेगा।
3. इस परियोजना से युवाओं को कैसे लाभ मिलेगा?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना से लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमई, मेडिकल डिवाइस और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे बड़ी संख्या में नौकरियां सृजित होंगी।
4. किसानों के योगदान को कैसे सराहा गया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन किसानों का विशेष आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस परियोजना के लिए अपनी जमीन दी। उन्होंने बताया कि समयबद्ध मुआवजा और पुनर्वास के जरिए किसानों को इस विकास यात्रा से जोड़ा गया है, जिससे उनके हितों का ध्यान रखा गया और उन्हें इस महत्वपूर्ण परियोजना का अभिन्न अंग बनाया गया।