तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच, एनडीए गठबंधन ने सीट बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया है, जिससे चुनावी रणभूमि में हलचल मच गई है। कुल 234 सीटों में से, मुख्य सहयोगी एआईएडीएमके 178 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि बीजेपी 27 सीटों पर अपनी किस्मत आजमाएगी। यह समझौता गठबंधन के भीतर मजबूत समन्वय और आगामी चुनावों में जीत के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है।
मुख्य बिंदु
- तमिलनाडु में एनडीए ने सीट बंटवारे को अंतिम रूप दिया: एआईएडीएमके 178, बीजेपी 27, पीएमके 18 और एएमएमके 11 सीटों पर लड़ेगी।
- एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने एनडीए को एक “विजयी गठबंधन” बताया और सभी सीटों पर जीत का दावा किया।
- ईपीएस ने मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन पर दिल्ली दौरे से डरने का आरोप लगाया और डीएमके पर झूठे बयान फैलाने का आरोप लगाया।
- भाजपा के तमिलनाडु प्रभारी पीयूष गोयल ने डीएमके-कांग्रेस गठबंधन पर आर्थिक कुप्रबंधन और तमिल संस्कृति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।
2026 तमिलनाडु चुनाव एनडीए सीट बंटवारा: किसे मिली कितनी सीटें?
तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एनडीए ने अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, सीटों का वितरण स्पष्ट रूप से निर्धारित कर दिया गया है। एआईएडीएमके, जो गठबंधन का सबसे बड़ा दल है, 178 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जिससे उसकी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की मंशा साफ दिखती है।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राज्य में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से 27 सीटों पर चुनाव मैदान में उतरेगी। इसके अलावा, गठबंधन के अन्य महत्वपूर्ण सहयोगियों को भी उनका हिस्सा मिल गया है। पीएमके को 18 सीटें और एएमएमके को 11 सीटें दी गई हैं। इन आंकड़ों के साथ, एनडीए एक एकजुट मोर्चे के रूप में जनता के बीच जाने की तैयारी में है।
एआईएडीएमके का आत्मविश्वास: पलानीस्वामी ने बताया ‘विजयी गठबंधन’
एआईएडीएमके नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने सीट बंटवारे को लेकर हुई बातचीत को “सुचारू” बताया। उन्होंने कहा कि सभी आंकड़े आधिकारिक तौर पर अंतिम रूप दे दिए गए हैं, और अन्य दलों के साथ बातचीत अभी भी जारी है, जिनका ऐलान जल्द किया जाएगा। ईपीएस ने एनडीए को एक “विजयी गठबंधन” करार देते हुए अपनी जीत का भरोसा जताया।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि गठबंधन सभी सीटों पर जीत हासिल करेगा और राज्य में एआईएडीएमके की सरकार बनेगी। यह बयान न केवल गठबंधन के आत्मविश्वास को दर्शाता है, बल्कि प्रतिद्वंद्वी दलों को एक कड़ा संदेश भी देता है। पलानीस्वामी का मानना है कि उनकी पार्टी और सहयोगी दल मिलकर तमिलनाडु की जनता का विश्वास जीतने में सफल रहेंगे।
ईपीएस ने बीजेपी के साथ गठबंधन पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और आरोप लगाया कि जब वे दिल्ली जाते हैं तो उनके खिलाफ झूठे और भ्रामक बयान फैलाए जाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे दुष्प्रचार से उनकी पार्टी और गठबंधन को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
सीएम स्टालिन पर ईपीएस का हमला
एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि स्टालिन उनके दिल्ली दौरे से डरते हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर एआईएडीएमके की बढ़ती पैठ को दर्शाता है। ईपीएस ने सवाल उठाया कि सहयोगी दलों का एक-दूसरे से मिलना सामान्य बात है, और फिर कनिमोझी करुणानिधि राहुल गांधी से मिलने दिल्ली क्यों गईं?
यह सवाल डीएमके पर पलटवार के रूप में देखा जा रहा है, जो अक्सर एआईएडीएमके और बीजेपी के बीच की बैठकों पर सवाल उठाती रही है। ईपीएस ने स्पष्ट किया कि गठबंधन सरकार की संभावना पर कोई संदेह नहीं है, और एआईएडीएमके अपने दम पर सरकार बनाएगी।
बीजेपी का भरोसा: तमिलनाडु में बदलाव की लहर
इसी बीच, भाजपा के तमिलनाडु प्रभारी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी राज्य में एनडीए की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। गोयल ने कहा कि तमिलनाडु की जनता आगामी चुनावों में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन को उसी तरह नकार देगी, जैसे महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार और दिल्ली में INDIA गठबंधन को नकारा गया था। उन्होंने दावा किया कि जनता बदलाव चाहती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार के लिए तमिलनाडु तैयार है।
गोयल ने कहा कि तमिलनाडु के लोग सुशासन, विकास की राजनीति और युवाओं व महिलाओं के लिए अवसर चाहते हैं। उन्होंने जोर दिया कि मौजूदा डीएमके-कांग्रेस गठबंधन इन अपेक्षाओं को पूरा करने में विफल रहा है।
डीएमके-कांग्रेस गठबंधन पर गोयल का निशाना
पीयूष गोयल ने डीएमके पर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें आर्थिक कुप्रबंधन और तमिल संस्कृति को नुकसान पहुंचाने वाली नीतियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि लोग मौजूदा सरकार की विफलताओं से तंग आ चुके हैं और एक मजबूत, स्थिर तथा विकास-उन्मुख सरकार चाहते हैं। गोयल के अनुसार, एनडीए ही वह विकल्प है जो राज्य को प्रगति के पथ पर ले जा सकता है।
यह बयान सीधे तौर पर डीएमके के शासनकाल को चुनौती देता है और एनडीए को एक बेहतर विकल्प के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास करता है। आगामी चुनाव में जनता का मूड क्या होगा, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन एनडीए ने अपनी रणनीति और आत्मविश्वास के साथ चुनावी बिगुल फूंक दिया है। तमिलनाडु विधानसभा के बारे में अधिक जानने के लिए आप तमिलनाडु विधानसभा पर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
निष्कर्ष
तमिलनाडु चुनाव एनडीए सीट बंटवारा अंतिम रूप ले चुका है, और गठबंधन राज्य में एक मजबूत चुनावी लड़ाई के लिए तैयार है। एआईएडीएमके और बीजेपी के प्रमुख नेताओं ने जीत के प्रति अपना दृढ़ विश्वास व्यक्त किया है, जबकि विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा है। आगामी विधानसभा चुनाव 2026 तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं, और एनडीए इन बदलावों का अगुआ बनने की उम्मीद कर रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए एनडीए के सीट बंटवारे का मुख्य विवरण क्या है?
उत्तर 1: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए एनडीए ने कुल 234 सीटों में से एआईएडीएमके को 178, बीजेपी को 27, पीएमके को 18 और एएमएमके को 11 सीटें आवंटित की हैं। अन्य दलों के साथ बातचीत अभी भी जारी है।
प्रश्न 2: एआईएडीएमके नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने गठबंधन की संभावनाओं के बारे में क्या कहा?
उत्तर 2: ईपीएस ने एनडीए को “विजयी गठबंधन” बताया और कहा कि गठबंधन सभी सीटों पर जीत हासिल करेगा तथा राज्य में एआईएडीएमके सरकार बनाएगी। उन्होंने सीट बंटवारे की बातचीत को सुचारू बताया।
प्रश्न 3: भाजपा के तमिलनाडु प्रभारी पीयूष गोयल ने डीएमके-कांग्रेस गठबंधन पर क्या आरोप लगाए?
उत्तर 3: पीयूष गोयल ने डीएमके पर आर्थिक कुप्रबंधन और तमिल संस्कृति को नुकसान पहुंचाने वाली नीतियों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता सुशासन, विकास और अवसरों के लिए डीएमके-कांग्रेस गठबंधन को नकार देगी।
प्रश्न 4: एनडीए गठबंधन तमिलनाडु में किस तरह की सरकार बनाने की उम्मीद कर रहा है?
उत्तर 4: एनडीए गठबंधन, विशेषकर एआईएडीएमके नेता ईपीएस, पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि वे अपने दम पर सरकार बनाएंगे। वे तमिलनाडु की जनता के बीच सुशासन, विकास और मजबूत नेतृत्व का संदेश लेकर जा रहे हैं।