जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। साइबर ठगों ने विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर सिविल लाइंस क्षेत्र की एक महिला से 6.30 लाख रुपये ठग लिए। महिला से अलग-अलग बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर करा लिए। सिविल लाइंस क्षेत्र के शांतिनगर लेन-एक निवासी अपेक्षा पोरवाल पत्नी दिव्य रस्तोगी ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 11 मार्च को मोबाइल टेलीग्राम पर एक मैसेज आया था। इसके बाद एक लड़की ने उनसे बात की, जिसने खुद का नाम पायल बताया। वह न्यूजीलैंड गोल्ड मर्चेंट कंपनी की एचआर है। उसने न्यूजीलैंड गोल्ड मर्चेंट नाम की कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद झांसे में लेकर अलग-अलग प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर 6.30 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। रकम देने के बाद भी जब नौकरी के बारे में अपेक्षा को कोई सूचना नहीं मिली तो उसे ठगी का अहसास हुआ। पायल से अपने पैसे वापस मांगे तो वह कहने लगी 9.75 लाख रुपये और जमा करो तभी पूरा पैसा वापस होगा। आरोपित महिला द्वारा बार-बार पैसे मांगने पर स्पष्ट हो गया कि उसके साथ ठगी हुई है। जिसके बाद उसने साइबर क्राइम के टोल फ्री नंबर पर शिकायत की, लेकिन कोई रकम वापस नहीं हुई। इंस्पेक्टर मनीष सक्सेना ने बताया कि शिकायती पत्र के आधार पर कथित पायल नाम की महिला के खिलाफ धोखाधड़ी कर रकम हड़पने और आइटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। साइबर ठगों ने विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर सिविल लाइंस क्षेत्र की एक महिला से 6.30 लाख रुपये ठग लिए। महिला से अलग-अलग बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर करा लिए।
सिविल लाइंस क्षेत्र के शांतिनगर लेन-एक निवासी अपेक्षा पोरवाल पत्नी दिव्य रस्तोगी ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 11 मार्च को मोबाइल टेलीग्राम पर एक मैसेज आया था। इसके बाद एक लड़की ने उनसे बात की, जिसने खुद का नाम पायल बताया। वह न्यूजीलैंड गोल्ड मर्चेंट कंपनी की एचआर है।
उसने न्यूजीलैंड गोल्ड मर्चेंट नाम की कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद झांसे में लेकर अलग-अलग प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर 6.30 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। रकम देने के बाद भी जब नौकरी के बारे में अपेक्षा को कोई सूचना नहीं मिली तो उसे ठगी का अहसास हुआ। पायल से अपने पैसे वापस मांगे तो वह कहने लगी 9.75 लाख रुपये और जमा करो तभी पूरा पैसा वापस होगा।
आरोपित महिला द्वारा बार-बार पैसे मांगने पर स्पष्ट हो गया कि उसके साथ ठगी हुई है। जिसके बाद उसने साइबर क्राइम के टोल फ्री नंबर पर शिकायत की, लेकिन कोई रकम वापस नहीं हुई।
इंस्पेक्टर मनीष सक्सेना ने बताया कि शिकायती पत्र के आधार पर कथित पायल नाम की महिला के खिलाफ धोखाधड़ी कर रकम हड़पने और आइटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। साइबर ठगों ने विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर सिविल लाइंस क्षेत्र की एक महिला से 6.30 लाख रुपये ठग लिए। महिला से अलग-अलग बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर करा लिए।
सिविल लाइंस क्षेत्र के शांतिनगर लेन-एक निवासी अपेक्षा पोरवाल पत्नी दिव्य रस्तोगी ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 11 मार्च को मोबाइल टेलीग्राम पर एक मैसेज आया था। इसके बाद एक लड़की ने उनसे बात की, जिसने खुद का नाम पायल बताया। वह न्यूजीलैंड गोल्ड मर्चेंट कंपनी की एचआर है।
उसने न्यूजीलैंड गोल्ड मर्चेंट नाम की कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद झांसे में लेकर अलग-अलग प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर 6.30 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। रकम देने के बाद भी जब नौकरी के बारे में अपेक्षा को कोई सूचना नहीं मिली तो उसे ठगी का अहसास हुआ। पायल से अपने पैसे वापस मांगे तो वह कहने लगी 9.75 लाख रुपये और जमा करो तभी पूरा पैसा वापस होगा।
आरोपित महिला द्वारा बार-बार पैसे मांगने पर स्पष्ट हो गया कि उसके साथ ठगी हुई है। जिसके बाद उसने साइबर क्राइम के टोल फ्री नंबर पर शिकायत की, लेकिन कोई रकम वापस नहीं हुई।
इंस्पेक्टर मनीष सक्सेना ने बताया कि शिकायती पत्र के आधार पर कथित पायल नाम की महिला के खिलाफ धोखाधड़ी कर रकम हड़पने और आइटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
FAQ
9 FAQ in Hindi:
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। साइबर ठगों ने विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर सिविल लाइंस क्षेत्र की एक महिला से 6.30 लाख रुपये ठग लिए। महिला से अलग-अलग बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर करा लिए।
सिविल लाइंस क्षेत्र के शांतिनगर लेन-एक निवासी अपेक्षा पोरवाल पत्नी दिव्य रस्तोगी ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 11 मार्च को मोबाइल टेलीग्राम पर एक मैसेज आया था। इसके बाद एक लड़की ने उनसे बात की, जिसने खुद का नाम पायल बताया। वह न्यूजीलैंड गोल्ड मर्चेंट कंपनी की एचआर है।
उसने न्यूजीलैंड गोल्ड मर्चेंट नाम की कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद झांसे में लेकर अलग-अलग प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर 6.30 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। रकम देने के बाद भी जब नौकरी के बारे में अपेक्षा को कोई सूचना नहीं मिली तो उसे ठगी का अहसास हुआ। पायल से अपने पैसे वापस मांगे तो वह कहने लगी 9.75 लाख रुपये और जमा करो तभी पूरा पैसा वापस होगा।
आरोपित महिला द्वारा बार-बार पैसे मांगने पर स्पष्ट हो गया कि उसके साथ ठगी हुई है। जिसके बाद उसने साइबर क्राइम के टोल फ्री नंबर पर शिकायत की, लेकिन कोई रकम वापस नहीं हुई।
इंस्पेक्टर मनीष सक्सेना ने बताया कि शिकायती पत्र के आधार पर कथित पायल नाम की महिला के खिलाफ धोखाधड़ी कर रकम हड़पने और आइटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।