Noida News : नोएडा के सेक्टर–113 थाना क्षेत्र में रहने वाली एक विधवा महिला ने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज को लेकर प्रताड़ित करने, शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करने और उसके मकान व अन्य संपत्ति पर धोखे से कब्जा जमाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता का कहना है कि पति की मौत के बाद से ही ससुराल वाले उसे और उसके बेटे को हक से वंचित कर पूरी संपत्ति अपने नाम कराने की जुगत में हैं।हैदराबाद से गुरुग्राम और फिर नोएडा तक की कहानीसेक्टर–77 स्थित एक सोसायटी में रहने वाली कोमल (काल्पनिक नाम) ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2013 में उसकी शादी हैदराबाद में मुकेश रायपुरिया से हुई थी। दोनों एक ही प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। शादी के बाद उसके पति ने हैदराबाद में एक फ्लैट खरीदा, जहां पूरा परिवार साथ में रहने लगा। कोमल का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही सास-ससुर, ननद और जेठ दहेज को लेकर ताने देने लगे। कम दहेज लाने की बात कहकर आए दिन उसे अपमानित किया जाता और झगड़ा खड़ा किया जाता। घर के माहौल से परेशान होकर कोमल ने यह बात अपने पति को बताई, जिसके बाद पति उसे साथ लेकर हैदराबाद छोड़ गुरुग्राम शिफ्ट हो गया।पति की मौत के बाद बदला ससुराल का रवैयापीड़िता ने बताया कि वर्ष 2015 में बेटे के जन्म के बाद भी ससुराल पक्ष का व्यवहार उसके प्रति नहीं बदला। मानसिक दबाव और तानों का सिलसिला जारी रहा। 25 फरवरी 2017 को अचानक हार्ट अटैक से उसके पति मुकेश की मौत हो गई। आरोप है कि पति के निधन के बाद जब वह अपने बेटे के साथ हैदराबाद स्थित फ्लैट में कई बार गई, तो ससुराल वालों ने उसे घर के अंदर घुसने तक नहीं दिया। कोमल का कहना है कि आर्थिक तंगी का हवाला देने पर भी ससुराल पक्ष ने न तो कोई आर्थिक मदद की और न ही उसका घरेलू सामान व जेवरात लौटाने को तैयार हुए। पीड़िता के मुताबिक ससुराल वालों ने साफ कह दिया कि जब उनका बेटा नहीं रहा तो अब उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। कोमल ने तहरीर में आरोप लगाया है कि पति की मौत के बाद बीमा, सर्विस बेनिफिट और अन्य मृतक लाभ योजनाओं की जो भी रकम आई, वह उसके सास-ससुर ने अपने कब्जे में रख ली और उसे एक रुपया तक नहीं दिया। जब भी उसने अपने और अपने बेटे के अधिकारों की बात उठाई, तो कथित रूप से उसे डरा-धमकाया गया और चुप रहने के लिए दबाव बनाया गया। उसका आरोप है कि उसके ससुर महेश चंद्र गुप्ता, जेठ मनीष रायपुरिया और ननद मनीष गुप्ता मिलकर उसकी संपत्ति और फ्लैट पर बेईमानी से कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।नोएडा पुलिस ने दर्ज किया मामलानोएडा स्थित थाना सेक्टर–113 पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और संपत्ति हड़पने के प्रयास से जुड़े प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। Noida News
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Noida News : नोएडा के सेक्टर–113 थाना क्षेत्र में रहने वाली एक विधवा महिला ने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज को लेकर प्रताड़ित करने, शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करने और उसके मकान व अन्य संपत्ति पर धोखे से कब्जा जमाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता का कहना है कि पति की मौत के बाद से ही ससुराल वाले उसे और उसके बेटे को हक से वंचित कर पूरी संपत्ति अपने नाम कराने की जुगत में हैं।
हैदराबाद से गुरुग्राम और फिर नोएडा तक की कहानी
सेक्टर–77 स्थित एक सोसायटी में रहने वाली कोमल (काल्पनिक नाम) ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2013 में उसकी शादी हैदराबाद में मुकेश रायपुरिया से हुई थी। दोनों एक ही प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। शादी के बाद उसके पति ने हैदराबाद में एक फ्लैट खरीदा, जहां पूरा परिवार साथ में रहने लगा। कोमल का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही सास-ससुर, ननद और जेठ दहेज को लेकर ताने देने लगे। कम दहेज लाने की बात कहकर आए दिन उसे अपमानित किया जाता और झगड़ा खड़ा किया जाता। घर के माहौल से परेशान होकर कोमल ने यह बात अपने पति को बताई, जिसके बाद पति उसे साथ लेकर हैदराबाद छोड़ गुरुग्राम शिफ्ट हो गया।
पति की मौत के बाद बदला ससुराल का रवैया
पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2015 में बेटे के जन्म के बाद भी ससुराल पक्ष का व्यवहार उसके प्रति नहीं बदला। मानसिक दबाव और तानों का सिलसिला जारी रहा। 25 फरवरी 2017 को अचानक हार्ट अटैक से उसके पति मुकेश की मौत हो गई। आरोप है कि पति के निधन के बाद जब वह अपने बेटे के साथ हैदराबाद स्थित फ्लैट में कई बार गई, तो ससुराल वालों ने उसे घर के अंदर घुसने तक नहीं दिया। कोमल का कहना है कि आर्थिक तंगी का हवाला देने पर भी ससुराल पक्ष ने न तो कोई आर्थिक मदद की और न ही उसका घरेलू सामान व जेवरात लौटाने को तैयार हुए। पीड़िता के मुताबिक ससुराल वालों ने साफ कह दिया कि जब उनका बेटा नहीं रहा तो अब उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। कोमल ने तहरीर में आरोप लगाया है कि पति की मौत के बाद बीमा, सर्विस बेनिफिट और अन्य मृतक लाभ योजनाओं की जो भी रकम आई, वह उसके सास-ससुर ने अपने कब्जे में रख ली और उसे एक रुपया तक नहीं दिया। जब भी उसने अपने और अपने बेटे के अधिकारों की बात उठाई, तो कथित रूप से उसे डरा-धमकाया गया और चुप रहने के लिए दबाव बनाया गया। उसका आरोप है कि उसके ससुर महेश चंद्र गुप्ता, जेठ मनीष रायपुरिया और ननद मनीष गुप्ता मिलकर उसकी संपत्ति और फ्लैट पर बेईमानी से कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
नोएडा पुलिस ने दर्ज किया मामला
नोएडा स्थित थाना सेक्टर–113 पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और संपत्ति हड़पने के प्रयास से जुड़े प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। Noida News
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Noida News : नोएडा के सेक्टर–113 थाना क्षेत्र में रहने वाली एक विधवा महिला ने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज को लेकर प्रताड़ित करने, शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करने और उसके मकान व अन्य संपत्ति पर धोखे से कब्जा जमाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता का कहना है कि पति की मौत के बाद से ही ससुराल वाले उसे और उसके बेटे को हक से वंचित कर पूरी संपत्ति अपने नाम कराने की जुगत में हैं।
हैदराबाद से गुरुग्राम और फिर नोएडा तक की कहानी
सेक्टर–77 स्थित एक सोसायटी में रहने वाली कोमल (काल्पनिक नाम) ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2013 में उसकी शादी हैदराबाद में मुकेश रायपुरिया से हुई थी। दोनों एक ही प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। शादी के बाद उसके पति ने हैदराबाद में एक फ्लैट खरीदा, जहां पूरा परिवार साथ में रहने लगा। कोमल का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही सास-ससुर, ननद और जेठ दहेज को लेकर ताने देने लगे। कम दहेज लाने की बात कहकर आए दिन उसे अपमानित किया जाता और झगड़ा खड़ा किया जाता। घर के माहौल से परेशान होकर कोमल ने यह बात अपने पति को बताई, जिसके बाद पति उसे साथ लेकर हैदराबाद छोड़ गुरुग्राम शिफ्ट हो गया।
पति की मौत के बाद बदला ससुराल का रवैया
पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2015 में बेटे के जन्म के बाद भी ससुराल पक्ष का व्यवहार उसके प्रति नहीं बदला। मानसिक दबाव और तानों का सिलसिला जारी रहा। 25 फरवरी 2017 को अचानक हार्ट अटैक से उसके पति मुकेश की मौत हो गई। आरोप है कि पति के निधन के बाद जब वह अपने बेटे के साथ हैदराबाद स्थित फ्लैट में कई बार गई, तो ससुराल वालों ने उसे घर के अंदर घुसने तक नहीं दिया। कोमल का कहना है कि आर्थिक तंगी का हवाला देने पर भी ससुराल पक्ष ने न तो कोई आर्थिक मदद की और न ही उसका घरेलू सामान व जेवरात लौटाने को तैयार हुए। पीड़िता के मुताबिक ससुराल वालों ने साफ कह दिया कि जब उनका बेटा नहीं रहा तो अब उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। कोमल ने तहरीर में आरोप लगाया है कि पति की मौत के बाद बीमा, सर्विस बेनिफिट और अन्य मृतक लाभ योजनाओं की जो भी रकम आई, वह उसके सास-ससुर ने अपने कब्जे में रख ली और उसे एक रुपया तक नहीं दिया। जब भी उसने अपने और अपने बेटे के अधिकारों की बात उठाई, तो कथित रूप से उसे डरा-धमकाया गया और चुप रहने के लिए दबाव बनाया गया। उसका आरोप है कि उसके ससुर महेश चंद्र गुप्ता, जेठ मनीष रायपुरिया और ननद मनीष गुप्ता मिलकर उसकी संपत्ति और फ्लैट पर बेईमानी से कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
नोएडा पुलिस ने दर्ज किया मामला
नोएडा स्थित थाना सेक्टर–113 पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और संपत्ति हड़पने के प्रयास से जुड़े प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। Noida News
FAQ
7 FAQ in Hindi:
Noida News : नोएडा के सेक्टर–113 थाना क्षेत्र में रहने वाली एक विधवा महिला ने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज को लेकर प्रताड़ित करने, शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करने और उसके मकान व अन्य संपत्ति पर धोखे से कब्जा जमाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता का कहना है कि पति की मौत के बाद से ही ससुराल वाले उसे और उसके बेटे को हक से वंचित कर पूरी संपत्ति अपने नाम कराने की जुगत में हैं।
हैदराबाद से गुरुग्राम और फिर नोएडा तक की कहानी
सेक्टर–77 स्थित एक सोसायटी में रहने वाली कोमल (काल्पनिक नाम) ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2013 में उसकी शादी हैदराबाद में मुकेश रायपुरिया से हुई थी। दोनों एक ही प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। शादी के बाद उसके पति ने हैदराबाद में एक फ्लैट खरीदा, जहां पूरा परिवार साथ में रहने लगा। कोमल का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही सास-ससुर, ननद और जेठ दहेज को लेकर ताने देने लगे। कम दहेज लाने की बात कहकर आए दिन उसे अपमानित किया जाता और झगड़ा खड़ा किया जाता। घर के माहौल से परेशान होकर कोमल ने यह बात अपने पति को बताई, जिसके बाद पति उसे साथ लेकर हैदराबाद छोड़ गुरुग्राम शिफ्ट हो गया।
पति की मौत के बाद बदला ससुराल का रवैया
पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2015 में बेटे के जन्म के बाद भी ससुराल पक्ष का व्यवहार उसके प्रति नहीं बदला। मानसिक दबाव और तानों का सिलसिला जारी रहा। 25 फरवरी 2017 को अचानक हार्ट अटैक से उसके पति मुकेश की मौत हो गई। आरोप है कि पति के निधन के बाद जब वह अपने बेटे के साथ हैदराबाद स्थित फ्लैट में कई बार गई, तो ससुराल वालों ने उसे घर के अंदर घुसने तक नहीं दिया। कोमल का कहना है कि आर्थिक तंगी का हवाला देने पर भी ससुराल पक्ष ने न तो कोई आर्थिक मदद की और न ही उसका घरेलू सामान व जेवरात लौटाने को तैयार हुए। पीड़िता के मुताबिक ससुराल वालों ने साफ कह दिया कि जब उनका बेटा नहीं रहा तो अब उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। कोमल ने तहरीर में आरोप लगाया है कि पति की मौत के बाद बीमा, सर्विस बेनिफिट और अन्य मृतक लाभ योजनाओं की जो भी रकम आई, वह उसके सास-ससुर ने अपने कब्जे में रख ली और उसे एक रुपया तक नहीं दिया। जब भी उसने अपने और अपने बेटे के अधिकारों की बात उठाई, तो कथित रूप से उसे डरा-धमकाया गया और चुप रहने के लिए दबाव बनाया गया। उसका आरोप है कि उसके ससुर महेश चंद्र गुप्ता, जेठ मनीष रायपुरिया और ननद मनीष गुप्ता मिलकर उसकी संपत्ति और फ्लैट पर बेईमानी से कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
नोएडा पुलिस ने दर्ज किया मामला
नोएडा स्थित थाना सेक्टर–113 पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और संपत्ति हड़पने के प्रयास से जुड़े प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। Noida News