संक्षेप: असीम मुनीर की ताकत बढ़ाने पर पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी हो रही है। संयुक्त राष्ट्र में इसके लिए लताड़ लगने पर अब पाकिस्तान सफाई देने लगा है।असीम मुनीर की ताकत बढ़ाने पर पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी हो रही है। संयुक्त राष्ट्र में इसके लिए लताड़ लगने पर अब पाकिस्तान सफाई देने लगा है। जिनेवा में शुक्रवार को जारी एक बयान में मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने कहा कि पिछले वर्ष के 26वें संशोधन की तरह नवीनतम संवैधानिक संशोधन को भी कानूनी समुदाय और नागरिक समाज के साथ व्यापक परामर्श और चर्चा के बिना अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में किए गए संशोधनों ने न्यायिक स्वतंत्रता को कमजोर किया है और सैन्य जवाबदेही को लेकर चिंताएं पैदा की हैं।LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।क्या बोला पाकिस्तानअब पाकिस्तान ने इस पर सफाई दी है। पाकिस्तान की तरफ से कहा गया है कि सभी संसदीय लोकतंत्रों की तरह, सभी कानून और संविधान में कोई भी संशोधन पाकिस्तान की जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के अधिकार क्षेत्र में है। बयान में कहा गया कि हालांकि, पाकिस्तान मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्य को उचित महत्व देता है, लेकिन यह खेदजनक है कि जारी किये गए बयान में जमीनी हकीकत प्रतिबिंबित नहीं हुई।पाकिस्तान की तरफ से जारी बयान में आगे कहा गया है कि संविधान में निहित मानवाधिकारों, मानवीय गरिमा, बुनियादी स्वतंत्रताओं और कानून के शासन की रक्षा, संवर्धन और उसे बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बयान में कहा गया कि हम उच्चायुक्त से आग्रह करते हैं कि वे पाकिस्तान की संसद के संप्रभु निर्णयों का सम्मान करें और ऐसी टिप्पणियों से बचें जो राजनीतिक पूर्वाग्रह और गलत सूचना को दर्शाती हों।पाकिस्तान में भी उठे थे सवालइस महीने की शुरुआत में, पाकिस्तान की सीनेट और नेशनल असेंबली की संयुक्त संसदीय समिति ने 27वें संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दी थी। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार उच्चतम न्यायालय के लिए खतरे का संकेत दे रही है।क्या है संशोधनइस संशोधन के जरिए संविधान के अनुच्छेद 243 में बदलाव किया गया है, जिसके तहत ‘ज्वॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष को हटाकर एक नए ‘प्रमुख रक्षा अध्यक्ष’ की नियुक्ति की गई है। इसी संशोधन के तहत एक संघीय संवैधानिक न्यायालय की स्थापना की गई है और मौजूदा उच्चतम न्यायालय की शक्तियों को सीमित किया गया है।
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संक्षेप:
असीम मुनीर की ताकत बढ़ाने पर पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी हो रही है। संयुक्त राष्ट्र में इसके लिए लताड़ लगने पर अब पाकिस्तान सफाई देने लगा है।
असीम मुनीर की ताकत बढ़ाने पर पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी हो रही है। संयुक्त राष्ट्र में इसके लिए लताड़ लगने पर अब पाकिस्तान सफाई देने लगा है। जिनेवा में शुक्रवार को जारी एक बयान में मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने कहा कि पिछले वर्ष के 26वें संशोधन की तरह नवीनतम संवैधानिक संशोधन को भी कानूनी समुदाय और नागरिक समाज के साथ व्यापक परामर्श और चर्चा के बिना अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में किए गए संशोधनों ने न्यायिक स्वतंत्रता को कमजोर किया है और सैन्य जवाबदेही को लेकर चिंताएं पैदा की हैं।
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क्या बोला पाकिस्तान
अब पाकिस्तान ने इस पर सफाई दी है। पाकिस्तान की तरफ से कहा गया है कि सभी संसदीय लोकतंत्रों की तरह, सभी कानून और संविधान में कोई भी संशोधन पाकिस्तान की जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के अधिकार क्षेत्र में है। बयान में कहा गया कि हालांकि, पाकिस्तान मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्य को उचित महत्व देता है, लेकिन यह खेदजनक है कि जारी किये गए बयान में जमीनी हकीकत प्रतिबिंबित नहीं हुई।
पाकिस्तान की तरफ से जारी बयान में आगे कहा गया है कि संविधान में निहित मानवाधिकारों, मानवीय गरिमा, बुनियादी स्वतंत्रताओं और कानून के शासन की रक्षा, संवर्धन और उसे बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बयान में कहा गया कि हम उच्चायुक्त से आग्रह करते हैं कि वे पाकिस्तान की संसद के संप्रभु निर्णयों का सम्मान करें और ऐसी टिप्पणियों से बचें जो राजनीतिक पूर्वाग्रह और गलत सूचना को दर्शाती हों।
पाकिस्तान में भी उठे थे सवाल
इस महीने की शुरुआत में, पाकिस्तान की सीनेट और नेशनल असेंबली की संयुक्त संसदीय समिति ने 27वें संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दी थी। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार उच्चतम न्यायालय के लिए खतरे का संकेत दे रही है।
क्या है संशोधन
इस संशोधन के जरिए संविधान के अनुच्छेद 243 में बदलाव किया गया है, जिसके तहत ‘ज्वॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष को हटाकर एक नए ‘प्रमुख रक्षा अध्यक्ष’ की नियुक्ति की गई है। इसी संशोधन के तहत एक संघीय संवैधानिक न्यायालय की स्थापना की गई है और मौजूदा उच्चतम न्यायालय की शक्तियों को सीमित किया गया है।
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संक्षेप:
असीम मुनीर की ताकत बढ़ाने पर पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी हो रही है। संयुक्त राष्ट्र में इसके लिए लताड़ लगने पर अब पाकिस्तान सफाई देने लगा है।
असीम मुनीर की ताकत बढ़ाने पर पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी हो रही है। संयुक्त राष्ट्र में इसके लिए लताड़ लगने पर अब पाकिस्तान सफाई देने लगा है। जिनेवा में शुक्रवार को जारी एक बयान में मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने कहा कि पिछले वर्ष के 26वें संशोधन की तरह नवीनतम संवैधानिक संशोधन को भी कानूनी समुदाय और नागरिक समाज के साथ व्यापक परामर्श और चर्चा के बिना अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में किए गए संशोधनों ने न्यायिक स्वतंत्रता को कमजोर किया है और सैन्य जवाबदेही को लेकर चिंताएं पैदा की हैं।
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क्या बोला पाकिस्तान
अब पाकिस्तान ने इस पर सफाई दी है। पाकिस्तान की तरफ से कहा गया है कि सभी संसदीय लोकतंत्रों की तरह, सभी कानून और संविधान में कोई भी संशोधन पाकिस्तान की जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के अधिकार क्षेत्र में है। बयान में कहा गया कि हालांकि, पाकिस्तान मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्य को उचित महत्व देता है, लेकिन यह खेदजनक है कि जारी किये गए बयान में जमीनी हकीकत प्रतिबिंबित नहीं हुई।
पाकिस्तान की तरफ से जारी बयान में आगे कहा गया है कि संविधान में निहित मानवाधिकारों, मानवीय गरिमा, बुनियादी स्वतंत्रताओं और कानून के शासन की रक्षा, संवर्धन और उसे बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बयान में कहा गया कि हम उच्चायुक्त से आग्रह करते हैं कि वे पाकिस्तान की संसद के संप्रभु निर्णयों का सम्मान करें और ऐसी टिप्पणियों से बचें जो राजनीतिक पूर्वाग्रह और गलत सूचना को दर्शाती हों।
पाकिस्तान में भी उठे थे सवाल
इस महीने की शुरुआत में, पाकिस्तान की सीनेट और नेशनल असेंबली की संयुक्त संसदीय समिति ने 27वें संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दी थी। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार उच्चतम न्यायालय के लिए खतरे का संकेत दे रही है।
क्या है संशोधन
इस संशोधन के जरिए संविधान के अनुच्छेद 243 में बदलाव किया गया है, जिसके तहत ‘ज्वॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष को हटाकर एक नए ‘प्रमुख रक्षा अध्यक्ष’ की नियुक्ति की गई है। इसी संशोधन के तहत एक संघीय संवैधानिक न्यायालय की स्थापना की गई है और मौजूदा उच्चतम न्यायालय की शक्तियों को सीमित किया गया है।
FAQ
5 FAQ in Hindi:
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असीम मुनीर की ताकत बढ़ाने पर पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी हो रही है। संयुक्त राष्ट्र में इसके लिए लताड़ लगने पर अब पाकिस्तान सफाई देने लगा है।
असीम मुनीर की ताकत बढ़ाने पर पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी हो रही है। संयुक्त राष्ट्र में इसके लिए लताड़ लगने पर अब पाकिस्तान सफाई देने लगा है। जिनेवा में शुक्रवार को जारी एक बयान में मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने कहा कि पिछले वर्ष के 26वें संशोधन की तरह नवीनतम संवैधानिक संशोधन को भी कानूनी समुदाय और नागरिक समाज के साथ व्यापक परामर्श और चर्चा के बिना अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में किए गए संशोधनों ने न्यायिक स्वतंत्रता को कमजोर किया है और सैन्य जवाबदेही को लेकर चिंताएं पैदा की हैं।
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क्या बोला पाकिस्तान
अब पाकिस्तान ने इस पर सफाई दी है। पाकिस्तान की तरफ से कहा गया है कि सभी संसदीय लोकतंत्रों की तरह, सभी कानून और संविधान में कोई भी संशोधन पाकिस्तान की जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के अधिकार क्षेत्र में है। बयान में कहा गया कि हालांकि, पाकिस्तान मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्य को उचित महत्व देता है, लेकिन यह खेदजनक है कि जारी किये गए बयान में जमीनी हकीकत प्रतिबिंबित नहीं हुई।
पाकिस्तान की तरफ से जारी बयान में आगे कहा गया है कि संविधान में निहित मानवाधिकारों, मानवीय गरिमा, बुनियादी स्वतंत्रताओं और कानून के शासन की रक्षा, संवर्धन और उसे बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बयान में कहा गया कि हम उच्चायुक्त से आग्रह करते हैं कि वे पाकिस्तान की संसद के संप्रभु निर्णयों का सम्मान करें और ऐसी टिप्पणियों से बचें जो राजनीतिक पूर्वाग्रह और गलत सूचना को दर्शाती हों।
पाकिस्तान में भी उठे थे सवाल
इस महीने की शुरुआत में, पाकिस्तान की सीनेट और नेशनल असेंबली की संयुक्त संसदीय समिति ने 27वें संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दी थी। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार उच्चतम न्यायालय के लिए खतरे का संकेत दे रही है।
क्या है संशोधन
इस संशोधन के जरिए संविधान के अनुच्छेद 243 में बदलाव किया गया है, जिसके तहत ‘ज्वॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष को हटाकर एक नए ‘प्रमुख रक्षा अध्यक्ष’ की नियुक्ति की गई है। इसी संशोधन के तहत एक संघीय संवैधानिक न्यायालय की स्थापना की गई है और मौजूदा उच्चतम न्यायालय की शक्तियों को सीमित किया गया है।