2026: दिल दहला देने वाला वाराणसी कॉलेज हत्याकांड: प्रिंसिपल के सामने छात्र की हत्या, 6 टीमें जुटीं

वाराणसी में शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाली एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यूपी कॉलेज में दिनदहाड़े एक छात्र की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना तब हुई जब प्रिंसिपल स्वयं कार्यालय में मौजूद थे। इस वाराणसी कॉलेज हत्याकांड ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है और छात्रों के बीच भारी आक्रोश है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं।

मुख्य बिंदु

  • यूपी कॉलेज, वाराणसी में छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या।
  • हत्या की वारदात प्रिंसिपल धर्मेंद्र सिंह के कार्यालय में उनके सामने हुई।
  • आरोपी मंजीत चौहान ने पूर्व विवाद के चलते मारीं तीन गोलियां।
  • छात्रों का उग्र प्रदर्शन, तोड़फोड़ और प्रिंसिपल व चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग।
  • वाराणसी पुलिस की 6 टीमें आरोपी मंजीत चौहान और उसके साथी अनुज की तलाश में जुटी हैं।

वाराणसी कॉलेज हत्याकांड: आखिर क्या हुआ?

शुक्रवार को यूपी कॉलेज, वाराणसी में एक ऐसा वाकया हुआ जिसने सबको स्तब्ध कर दिया। कॉलेज परिसर के अंदर ही, बीएससी सेकंड ईयर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह को दिनदहाड़े गोली मार दी गई। हत्या का आरोप उसी कॉलेज के कला संकाय के छात्र मंजीत चौहान पर लगा है। यह घटना तब और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि यह वारदात प्रिंसिपल धर्मेंद्र सिंह के सामने, उनके ही कार्यालय में हुई। मंजीत ने सूर्य प्रताप पर कुल तीन गोलियां चलाईं, जिसमें एक गोली सिर में और दो शरीर के अन्य हिस्सों में लगीं। घायल अवस्था में सूर्य प्रताप को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

वाराणसी कॉलेज हत्याकांड

प्रिंसिपल के सामने हुई वारदात

मामले की शुरुआत दोनों छात्रों के बीच पुराने विवाद से हुई थी। प्रिंसिपल धर्मेंद्र सिंह ने दोनों छात्रों, सूर्य प्रताप सिंह और मंजीत चौहान को अपने कार्यालय में बुलाया था ताकि उनके बीच सुलह कराई जा सके। काफी देर समझाने-बुझाने के बावजूद, दोनों छात्र प्रिंसिपल के सामने ही फिर से झगड़ने लगे। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मंजीत चौहान ने अपना असलहा निकाला और सूर्य प्रताप सिंह पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। वारदात को अंजाम देने के बाद मंजीत अपने साथी अनुज के साथ मौके से फरार हो गया, जाते हुए झाड़ियों में हथियार भी फेंक दिया। इस घटना ने कॉलेज प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विवाद की जड़ और रंजिश

मृतक सूर्य प्रताप सिंह गाजीपुर जिले का रहने वाला था और यूपी कॉलेज में बीएससी सेकंड ईयर का छात्र था। उसका कुछ समय पहले कला संकाय के छात्र मंजीत चौहान से किसी बात पर झगड़ा हो गया था। इस घटना के बाद से ही दोनों के बीच आपसी रंजिश बढ़ गई थी। यह मामला प्रॉक्टोरियल बोर्ड और प्रिंसिपल धर्मेंद्र सिंह तक भी पहुंचा था, लेकिन दुखद रूप से तत्काल कोई प्रभावी संज्ञान नहीं लिया गया, जिससे यह रंजिश धीरे-धीरे बढ़ती चली गई और अंततः इस वीभत्स हत्याकांड में बदल गई।

प्रॉक्टोरियल बोर्ड की भूमिका पर सवाल

छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि जब विवाद प्रिंसिपल और प्रॉक्टोरियल बोर्ड तक पहुंच गया था, तो इसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया। अगर समय रहते उचित कार्रवाई की जाती, तो शायद आज सूर्य प्रताप सिंह जीवित होता। कॉलेज प्रशासन की इस लापरवाही पर अब चारों ओर से सवाल उठ रहे हैं।

छात्रों का आक्रोश और तोड़फोड़

जैसे ही सूर्य प्रताप सिंह की मौत की खबर कॉलेज पहुंची, छात्र उग्र हो गए। उन्होंने कॉलेज परिसर में भारी बवाल किया और जमकर तोड़फोड़ की। स्थिति को बिगड़ता देख, वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने छात्रों को कैंपस से बाहर निकाला, जिसके बाद छात्र भोजूबीर मार्केट में सड़क पर धरने पर बैठ गए। छात्रों के गुस्से को देखते हुए भोजूबीर मार्केट के व्यापारियों ने डर के मारे अपनी दुकानें बंद कर दीं।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और छात्रों का धरना

पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने तुरंत स्थिति को संभाला और छात्रों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस बल की भारी तैनाती ने आगे की किसी बड़ी अप्रिय घटना को टाल दिया, लेकिन छात्रों का गुस्सा अभी भी शांत नहीं हुआ है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं।

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प्रिंसिपल और प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शनकारी छात्रों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मृतक छात्र सूर्य प्रताप सिंह चिकन पॉक्स से पीड़ित था और अपने घर गाजीपुर गया हुआ था, लेकिन प्रिंसिपल ने उसे जबरदस्ती कॉलेज बुलवाया। छात्रों ने प्रिंसिपल की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए उनके और चीफ प्रॉक्टर के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।

आपराधिक पृष्ठभूमि वाले छात्रों के प्रवेश पर सवाल

छात्रों ने यह भी सवाल उठाया कि कॉलेज प्रशासन ऐसे छात्रों को प्रवेश क्यों दे रहा है जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि है? उन्होंने बताया कि आरोपी मंजीत चौहान पर पहले से ही आर्म्स एक्ट सहित कई मुकदमे दर्ज हैं, फिर भी उसे कॉलेज में प्रवेश दिया गया। यह गंभीर आरोप कॉलेज के प्रवेश मानकों और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है। इस तरह के मामलों की जांच कर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले छात्रों के दाखिले पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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आरोपियों की तलाश में 6 पुलिस टीमें

इस जघन्य हत्याकांड के बाद वाराणसी पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है। आरोपी मंजीत चौहान और उसके साथी अनुज की तलाश में पुलिस की कुल 6 टीमें लगाई गई हैं। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि जिन लोगों के खिलाफ तहरीर मिलेगी, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि मौके पर स्थिति सामान्य है और उन्होंने खुद यूपी कॉलेज पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया और प्रिंसिपल व चीफ प्रॉक्टर से बात की। उन्होंने दोहराया कि यह वारदात दोनों छात्रों के बीच आपसी रंजिश का परिणाम है। पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।

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यह घटना शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा और छात्रों की जान की कीमत पर गंभीर सवाल खड़े करती है। कॉलेज प्रशासन को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अपनी नीतियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी होगी। यह जरूरी है कि छात्रों के बीच बढ़ते विवादों को समय रहते सुलझाया जाए और आपराधिक तत्वों को शिक्षण संस्थानों से दूर रखा जाए। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने और शैक्षणिक संस्थानों को सुरक्षित बनाने के लिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। इस संबंध में अधिक जानकारी आप विभिन्न विश्वसनीय समाचार पोर्टलों पर पढ़ सकते हैं, जैसे कि अमर उजाला उत्तर प्रदेश अपराध समाचार

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: वाराणसी के यूपी कॉलेज में क्या घटना हुई?
A1: वाराणसी के यूपी कॉलेज में एक छात्र सूर्य प्रताप सिंह की प्रिंसिपल के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई।

Q2: मृतक छात्र और आरोपी छात्र कौन थे?
A2: मृतक छात्र सूर्य प्रताप सिंह बीएससी सेकेंड ईयर का छात्र था, जबकि आरोपी छात्र मंजीत चौहान कला संकाय का छात्र था।

Q3: हत्या की वजह क्या थी?
A3: हत्या की वजह मृतक सूर्य प्रताप सिंह और आरोपी मंजीत चौहान के बीच पुराना विवाद और आपसी रंजिश थी।

Q4: छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं?
A4: छात्रों ने आरोपी मंजीत चौहान और उसके साथी अनुज का पुलिस एनकाउंटर करने, तथा प्रिंसिपल और चीफ प्रॉक्टर का इस्तीफा देने की मांग की है।

Q5: पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है?
A5: वाराणसी पुलिस ने आरोपी मंजीत और अनुज की तलाश में 6 टीमें लगाई हैं और पुलिस कमिश्नर ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

Q6: क्या प्रिंसिपल की भूमिका पर सवाल उठे हैं?
A6: हां, छात्रों ने आरोप लगाया है कि प्रिंसिपल ने बीमार छात्र सूर्य प्रताप को जबरदस्ती बुलाया और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले छात्र (मंजीत चौहान) को कॉलेज में प्रवेश क्यों दिया गया, इस पर भी सवाल उठाए हैं।

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