
क्या आपको पता है कि 1970 के दशक में सोने ने कैसी जबरदस्त उछाल और फिर भारी गिरावट देखी? यह सोने के इतिहास का सबसे नाटकीय दौर था।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी डॉलर सीधे सोने से जुड़ा था। 1 औंस सोने की कीमत 35 डॉलर तय थी।
15 अगस्त 1971 को अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने डॉलर को सोने से अलग करने की घोषणा की। इसे 'निक्सन शॉक' कहा गया।
इस फैसले से ब्रेटन वुड्स सिस्टम खत्म हो गया। अब पहली बार सोने की कीमत पूरी तरह बाजार की ताकतों से तय होने लगी।
1970 में 35 डॉलर का सोना 1974 तक 180 डॉलर पहुंच गया। लेकिन फिर 1976 तक यह लगभग 100 डॉलर पर गिर गया।
1978 के बाद सोना तेजी से बढ़ा और जनवरी 1980 में 850 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। एक दशक में यह 24 गुना बढ़ गया!
1970 के दशक में 1973 तेल संकट और वैश्विक महंगाई ने सोने को पसंदीदा निवेश बना दिया। डॉलर पर भरोसा कम हो गया था।
1979 की ईरानी क्रांति और पश्चिम एशिया में तनाव ने भी अनिश्चितता बढ़ाई। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के लिए सोना खरीदा।
1980 के बाद पॉल वॉकर ने महंगाई रोकने को ब्याज दरें बढ़ाईं। डॉलर मजबूत हुआ और सोने की कीमत 50% से ज्यादा गिर गई।
सोना आर्थिक संकट में चमकता है, पर ब्याज दरें बढ़ने पर फीका पड़ सकता है। निवेशकों को यह बड़ा सबक मिला।