
धरती के 700 KM नीचे महासागर मिला! वैज्ञानिकों ने खोजा पानी का विशाल भंडार, दुनिया हैरान।
यह कोई तरल पानी नहीं है! बल्कि रिंगवोडाइट नामक विशेष पत्थर में फंसा है आणविक रूप में।
पानी का यह अथाह भंडार पृथ्वी की मेंटल परत में, सतह से 700 किलोमीटर नीचे छिपा है।
पता कैसे चला? भूकंप की तरंगों का अध्ययन कर! पानी वाली चट्टानों में इनकी चाल धीमी हो जाती है।
यह पानी हमें कभी दिखेगा नहीं! यह उच्च दबाव और तापमान में खनिजों के भीतर बंद है।
नई सोच: धरती पर पानी बाहर से नहीं, बल्कि खुद धरती के अंदर भी एक बड़ा स्रोत हो सकता है।
पृथ्वी का जल-चक्र सिर्फ सतह पर नहीं, हजारों किलोमीटर गहराई तक फैला है। यह संतुलन बनाए रखता है।
यह खोज हमें धरती को समझने में मदद करेगी। ज्वालामुखियों और भूकंप में पानी की भूमिका अहम।
यह तो बस शुरुआत है! धरती के अंदर अभी भी कई रहस्य छिपे हैं, जिनका पता लगाना बाकी है।