
मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण होर्मुज की खाड़ी में हालात ख़राब हैं। दुनिया का 20% तेल-गैस यहीं से गुजरता है।
ईरान ने धमकी दी कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर हमला होगा। सैकड़ों जहाज वहीं रुक गए, भारत के भी कई फंसे।
सवाल उठा, क्या भारत में रसोई गैस की कमी होगी? क्या लाखों घरों के चूल्हे बुझ जाएंगे?
लेकिन भारत पहले से तैयार था। होर्मुज पर निर्भरता कम करने के लिए अमेरिका से संपर्क साधा।
इसका नतीजा सामने है! Pyxis Pioneer नामक जहाज टेक्सास से LPG लेकर मंगलुरु पहुंचा।
यह अकेला नहीं! जल्द ही Apollo Ocean और एक और जहाज हज़ारों टन गैस लाएगा।
इस हफ्ते मंगलुरु में 72,700 टन से ज्यादा रसोई गैस पहुंचेगी। यह दक्षिण भारत की लाखों जरूरतों को पूरा करेगी।
जंग जारी है, रास्ता बंद है, लेकिन भारत ने समय रहते विकल्प ढूंढकर सप्लाई बनाए रखी।
भारत की इस दमदार कूटनीति के बारे में आपकी क्या राय है?
मिडिल ईस्ट में जंग गंभीर रूप ले चुकी है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बड़े हवाई हमले जारी हैं।