
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहरा रहा है। अब ईरान ने एक नया और चौंकाने वाला पैंतरा चला है।
ईरान ने अमेरिका को दो मोर्चों पर घेरने की कोशिश की है। ये कदम अमेरिकी हितों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
ईरान ने अमेरिका के खास सहयोगी जापान और दक्षिण कोरिया को लुभाया है। इसे अमेरिका के लिए 'विकेट गिरने' जैसा समझा जा रहा है।
ईरान ने इन देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य के ज़रिए तेल व्यापार का 'लॉलीपॉप' दिया है। यह एक बहुत ही आकर्षक प्रस्ताव है।
जापान और दक्षिण कोरिया अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए भारी मात्रा में तेल पर निर्भर हैं। ईरान उनके लिए एक वैकल्पिक और सस्ता स्रोत बन रहा है।
अमेरिका ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए है। ईरान इस कदम से इन प्रतिबंधों को कमजोर करना चाहता है।
ईरान का यह दाँव ट्रंप प्रशासन की 'अधिकतम दबाव' की नीति को झटका दे सकता है। इससे अमेरिका की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अब डोनाल्ड ट्रंप के सामने एक मुश्किल चुनौती है। उन्हें ईरान के इस आक्रामक कदम का जवाब देना होगा।
क्या अमेरिका इन देशों पर दबाव बढ़ाएगा या ईरान के साथ कोई नई राह तलाशेगा? यह देखना दिलचस्प होगा कि वैश्विक राजनीति क्या मोड़ लेती है।
ईरान के इस कदम से वैश्विक राजनीति में कैसा बदलाव आएगा?