
अमेरिका-इजरायल की जंग अब खाड़ी देशों को प्यासा मार सकती है।
डोनाल्ड ट्रंप ने 48 घंटे में होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को कहा। ना मानने पर ईरान के पावर प्लांट्स उड़ाने की धमकी दी।
ईरान ने कहा, हमला हुआ तो अमेरिका और सहयोगियों के डिसैलिनेशन प्लांट्स को निशाना बनाएंगे।
ये समुद्र के खारे पानी को पीने लायक बनाते हैं। खाड़ी देशों के लिए ये जीवन रेखा हैं।
इन देशों में तेल तो है, पर पानी की कमी है। ये प्लांट उनकी सबसे कमजोर नस हैं।
सऊदी अरब 70%, कुवैत 90% और ओमान 86% पीने का पानी इन्हीं प्लांट्स से लेता है।
विशेषज्ञों का मानना है, तेल रुकने से ज्यादा खतरनाक पानी का संकट होगा। इसके बिना जिंदगी रुक जाएगी।
1983 में CIA ने भी कहा था, इन प्लांट्स पर हमला पूरे क्षेत्र में अराजकता फैला सकता है।
ईरान ने अमेरिका पर उसके क़ेश्म द्वीप पर हमले का आरोप लगाया। बहरीन ने भी अपने प्लांट पर हमले का दावा किया।
अगर यह जंग इन्फ्रास्ट्रक्चर वॉर में बदली, तो पर्यावरणीय और मानवीय परिणाम बेहद खतरनाक होंगे।
पानी पर हमला सीधे मानवता के खिलाफ माना जाएगा। इसलिए अब तक बड़े हमले टाले गए हैं।