
ईरान ने अमेरिका को वियतनाम युद्ध की याद दिलाई है. कहा, जीत के झूठे दावे बंद करो!
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने जंग की तुलना वियतनाम से की है.
अराघची का कहना है कि आज की स्थिति वियतनाम युद्ध जैसी है. तब भी अमेरिका जीत के दावे करता था, पर ज़मीन पर हालात अलग थे.
वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिका बार-बार जीत का दावा करता था. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही थी.
1960 के दशक में साइगोन में अमेरिकी सेना रोज प्रेस ब्रीफिंग करती थी. इसे 'फाइन ओ क्लॉक फॉलीज' कहा गया, जहाँ झूठी जीत दिखाई जाती थी.
अमेरिकी जनरल विलियम वेस्टमोरलैंड ने भी जीत करीब होने का दावा किया. लेकिन जल्द ही टेट आक्रामक हमला हो गया.
अराघची के अनुसार, आज भी अमेरिका कुछ ऐसे ही दावे कर रहा है. अमेरिकी सरकार खुद को जीतता हुआ दिखा रही है.
ईरान ने बताया कि अमेरिका का एक F-35 लाइटनिंग II लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त हुआ है. यह बड़े दावों के उलट है.
अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड और यूएसएस अब्राहम लिंकन पीछे हटते दिखाई दिए.
अमेरिका की तरफ से कहा गया कि F-35 ने सुरक्षित लैंडिंग की है. मामले की जांच अभी जारी है.
इस मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप को अपने देश में आलोचना झेलनी पड़ रही है. उनके एक अधिकारी जो केंट ने इस्तीफा तक दे दिया.
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका जीत रहा है. ईरान की एयर डिफेंस भी कमजोर हो चुकी है.
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अराघची का संदेश साफ है: सिर्फ जीत के दावे करने से हालात नहीं बदलते. वियतनाम की तरह, ज़मीनी सच्चाई अलग हुई तो अंजाम बुरा होगा.