
मंगल ग्रह पर इंसान के जाने की तैयारी, लेकिन क्या आप जानते हैं वहां आपका शरीर कैसे बदलेगा?
मंगल पर गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी का सिर्फ 38% है। यह इंसानों के लिए एक बड़ा जोखिम है।
NASA और CNSA अगले दशक में अंतरिक्ष यात्रियों को मंगल पर भेजने की योजना बना रहे हैं।
नए शोध में सामने आया कि मंगल का कम गुरुत्वाकर्षण इंसानी मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाएगा।
त्सुकुबा यूनिवर्सिटी सहित कई अंतर्राष्ट्रीय टीमों ने इस अहम शोध को अंजाम दिया है।
मंगल तक की लंबी यात्रा में रेडिएशन और माइक्रोग्रैविटी जैसे खतरे भी हैं।
ISS में चूहों पर प्रयोग हुए। कम गुरुत्वाकर्षण में मांसपेशियों का कमजोर होना देखा गया।
शोध से पता चला कि 67% पृथ्वी गुरुत्वाकर्षण पर मांसपेशियों का नुकसान कम होता है।
अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के लिए कृत्रिम गुरुत्वाकर्षण वाली सुविधाएँ बनाने की तैयारी है। सुरक्षा सर्वोपरि!