
अब इंसान का मंगल ग्रह पर बसने का सपना हकीकत के बेहद करीब आ गया है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा 'जादुई' पौधा खोज निकाला है।
चीन के वैज्ञानिकों ने एक खास रेगिस्तानी मॉस (Syntrichia caninervis) की खोज की है। यह पौधा मंगल के कठोर वातावरण को झेलने में सक्षम है।
वैज्ञानिकों ने इसे लैब में मंगल जैसा माहौल देकर जांचा। इसने -196°C ठंड, कम ऑक्सीजन और हाई रेडिएशन भी झेली।
यह मॉस धरती के सबसे ऊबड़-खाबड़ इलाकों में पाया जाता है। यह ठंड, ऑक्सीजन की कमी और जानलेवा रेडिएशन में भी जिंदा रहा।
यह पौधा मंगल की कार्बन डाइऑक्साइड सोखेगा और ऑक्सीजन छोड़ेगा। यह जहरीली मिट्टी को खेती लायक भी बना सकता है।
एलन मस्क जैसे अरबपतियों के लिए यह किसी जैकपॉट से कम नहीं। अब बिना गुंबदों के भी मंगल पर हरियाली संभव होगी।
लैब और असल मंगल ग्रह में फर्क बहुत है। वहाँ धूल भरी आंधियां और पानी की भारी किल्लत एक चुनौती है।
इन चुनौतियों के बाद भी, इस पौधे ने ब्रह्मांड में हरियाली की उम्मीद जगाई है। यह भविष्य के लिए एक बड़ा कदम है।
शायद आने वाले 20-30 सालों में मंगल पर कदम रखने वाले इंसान को हरे पौधे स्वागत करते दिखें। एक नया हरा-भरा भविष्य इंतजार कर रहा है।