
पूर्व कोच गैरी कर्स्टन ने पाकिस्तान क्रिकेट में 'टॉक्सिक माहौल' बताया है। यह एक सनसनीखेज़ खुलासा है।
कर्स्टन ने बताया कि लगातार दखलंदाज़ी और खराब माहौल के कारण काम करना मुश्किल था। वे सिर्फ छह महीने में ही पद छोड़ गए।
उनके अनुसार, PCB में बाहरी हस्तक्षेप बहुत ज़्यादा था। इसने टीम के फैसलों और प्रदर्शन पर बुरा असर डाला।
गैरी कर्स्टन ने कहा कि ऐसे टॉक्सिक माहौल में किसी भी कोच के लिए सफल होना असंभव है। खराब प्रदर्शन का ठीकरा कोच पर फोड़ा जाता है।
अप्रैल 2024 में व्हाइट बॉल कोच बने कर्स्टन ने बोर्ड से मतभेदों के कारण पद छोड़ा। यह कार्यकाल सिर्फ छह महीनों का रहा।
अब गैरी कर्स्टन श्रीलंका क्रिकेट के नए हेड कोच बन गए हैं। वे 15 अप्रैल 2026 से टीम की जिम्मेदारी संभालेंगे।
श्रीलंका के साथ उनका लक्ष्य 2027 वनडे वर्ल्ड कप है। टीम सीधे टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करने की कोशिश करेगी।
कर्स्टन की कोचिंग में भारत ने 2011 वर्ल्ड कप जीता था। भारतीय खिलाड़ियों ने उन्हें कंधे पर उठाकर सम्मान दिया।
पूर्व कोच जेसन गिलेस्पी ने भी PCB पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने भी बोर्ड के रवैये को इस्तीफे का कारण बताया।
पाकिस्तान क्रिकेट में बाहरी दखलंदाजी और टॉक्सिक माहौल एक गंभीर मुद्दा है। क्या आप भी ऐसा मानते हैं?
कर्स्टन और गिलेस्पी के खुलासे पाकिस्तान क्रिकेट के अंदरूनी मुद्दों को दिखाते हैं। बोर्ड को इन आरोपों पर गंभीरता से विचार करना होगा।