
डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। जल्द ही यह 98 के पार जा सकता है, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी।
इतिहास में पहली बार, रुपया 93.71 पर बंद हुआ, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। बुधवार को भी यह 92.89 के निचले स्तर पर था।
वेस्ट एशिया में जारी जंग और विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार शेयरों की बिक्री इसकी बड़ी वजह है। रुपया 82 पैसे गिरकर 93.71 पर आया।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रुपये पर दबाव डाल रही हैं। ब्रेंट क्रूड वायदा में 109.36 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
ब्रोकरेज फर्म Ambit Capital के अनुसार, यदि तेल 90-110 डॉलर पर रहा, तो रुपये में 7.5% की गिरावट आ सकती है। यह 98.90 तक पहुंच सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार मजबूती से भारत का आयात बिल काफी बढ़ जाएगा। इससे घरेलू मुद्रा पर निरंतर दबाव बना रहेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, शॉर्ट टर्म में रुपया 93.00 से 94.25 के कमजोर दायरे में रह सकता है। जियो पॉलिटिकल अस्थिरता भी मुख्य कारण है।
क्या आपको लगता है रुपये की इस गिरावट का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा?
रुपये पर दबाव जारी रह सकता है, खासकर कच्चे तेल और वैश्विक अस्थिरता के कारण। बाजार के रुझानों पर नज़र रखना महत्वपूर्ण है।