
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन दी है। उन्होंने होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने की मांग की है।
ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ईरान नहीं माना, तो अमेरिका उसके कई पावर प्लांट्स पर हमला करके उन्हें तबाह कर देगा। इसकी शुरुआत सबसे बड़े प्लांट से होगी।
यह चेतावनी ईरान के इसराइली परमाणु ठिकाने पर मिसाइल हमले के कुछ घंटों बाद आई है। इस हमले में 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए।
होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के 20% तेल की सप्लाई का मुख्य रास्ता है। ईरान ने इसे अमेरिका-इसराइल हमले के बाद बंद कर दिया है।
इस जलमार्ग के बंद होने से जहाज़ों पर हमले बढ़े हैं। कच्चे तेल की क़ीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं।
ट्रंप ने कहा कि ईरान का नेतृत्व और सेनाएं 'तबाही' की कगार पर हैं। उन्होंने ज़ोर दिया कि वे समझौता नहीं चाहते।
ईरान की सेना ने धमकी दी है कि वह क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों के ऊर्जा केंद्रों पर हमला करेगी। इसमें पानी शुद्ध करने वाले प्लांट भी शामिल हैं।
ईरानी संसद स्पीकर ने कहा कि इसराइल अब ईरान की मिसाइलों से सुरक्षित नहीं। उन्होंने संघर्ष एक नए चरण में प्रवेश करने की बात कही।
ईरान के हमलों ने इसराइल के डिमोना क्षेत्र में परमाणु ठिकाने के पास भारी तबाही मचाई। इसमें 100 से अधिक लोग घायल हुए।