
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने NATO देशों को ईरान युद्ध में साथ न देने पर फटकारा है। उन्होंने इन्हें कायर बताया।
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका के बिना NATO गठबंधन केवल एक कागजी शेर है। यह बिना असली ताकत के है।
ट्रम्प की नाराजगी का कारण न्यूक्लियर ताकत वाले ईरान को रोकने की लड़ाई में NATO का साथ न देना है। उन्होंने इस पर गुस्सा जताया।
ट्रम्प ने कहा, जब लड़ाई जीत ली गई, तो वे तेल की ऊंची कीमतों की शिकायत कर रहे हैं। पहले उन्होंने कोई मदद नहीं की।
उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने के लिए भी सैन्य मदद न देने पर आलोचना की। इसे एक आसान सैन्य कदम बताया।
ट्रम्प ने NATO देशों को चेतावनी देते हुए कहा, "वे मदद नहीं करना चाहते। कायर हैं, और हम इसे याद रखेंगे।"
इस बीच, ईरान और इजराइल के बीच संघर्ष तेज हो गया है। हाल ही में दोनों देशों ने कई हवाई हमले किए हैं।
सऊदी अरब ने कई ड्रोन मार गिराए हैं, वहीं तेहरान में धमाकों की आवाज सुनी गई। क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है।
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान में अपने सैन्य अभियान को कम करने पर विचार कर रहा है। वे लक्ष्य के करीब हैं।
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ट्रम्प के बयान से NATO के भविष्य और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा गठबंधनों पर सवाल उठ रहे हैं। इसका वैश्विक प्रभाव पड़ेगा।