ट्रंप का नाटो पर गुस्सा

ट्रंप का नाटो पर गुस्सा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर मदद न मिलने से नाराजगी जताई।

ईरान युद्ध में नाटो की चुप्पी

ट्रंप ने कहा कि नाटो देश परमाणु शक्ति वाले ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते थे। यह लड़ाई तात्कालिक तौर पर जीत ली गई है।

नाटो: अमेरिका के बिना 'कागज़ी शेर'

ट्रंप के अनुसार, अमेरिका के बिना नाटो एक "कागज़ी शेर" से ज़्यादा कुछ नहीं है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर सहयोगियों को फटकारा।

महंगे तेल पर शिकायत, पर मदद नहीं!

ट्रंप ने तंज कसा, अब जब खतरा कम है, तो वे ऊंची तेल कीमतों की शिकायत करते हैं। जबकि उन्होंने पहले कोई मदद नहीं की।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: क्यों है इतना खास?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तेल व्यापार का एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। ट्रंप ने इसे खुलवाने में नाटो की मदद न करने का आरोप लगाया।

ईरान ने किया होर्मुज बंद

ईरान ने 4 मार्च से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। उसने समुद्री जहाजों पर हमले किए और माइंस बिछाई हैं।

वैश्विक ऊर्जा संकट गहराया

नाकाबंदी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं। इससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने लगा है।

नाटो: सामूहिक रक्षा का वादा?

नाटो (NATO) 1949 में बना एक सैन्य गठबंधन है। इसका मुख्य उद्देश्य सामूहिक रक्षा है, जहां एक पर हमला सभी पर हमला माना जाता है।

"कायरो, हम याद रखेंगे!"

ट्रंप ने नाटो देशों को सख्त लहजे में चेताया, "कायरो, हम इस बात को याद रखेंगे!" उनका यह बयान भविष्य के संबंधों पर सवाल उठाता है।