
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध को 21 दिन पूरे हो चुके हैं। इसके खत्म होने के अभी कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
ट्रंप ने दो टूक कहा है कि हम युद्ध जीत रहे हैं, तो इसे खत्म करने का सवाल ही नहीं उठता। यह दिखाता है कि अमेरिका झुकने को तैयार नहीं।
नेतन्याहू ने कहा, इस ऑपरेशन की कोई तय समयसीमा नहीं है। यह अभियान 'जब तक आवश्यक होगा' तब तक जारी रहेगा।
अब इस युद्ध की आग हिंद महासागर तक पहुंच गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ गई हैं। समुद्री सुरक्षा पर बड़ा खतरा है।
डिएगो गार्सिया, हिंद महासागर में स्थित ब्रिटेन का एक अहम सैन्य अड्डा है। यह सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने इस ब्रिटिश सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर हमला किया है। यह एक बड़ा भू-राजनैतिक मोड़ है।
इस हमले के बाद ब्रिटेन भड़क उठा है और ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। इस कार्रवाई से तनाव और गहरा गया है।
तनाव के बीच, ब्रिटेन ने अपने सैन्य बेस अमेरिका को देने का फैसला किया है। यह एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव है।
इजरायली हमलों के बाद ईरान ने खाड़ी देशों के तेल और गैस प्रतिष्ठानों पर जवाबी कार्रवाई की है। इससे ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा बढ़ गया।
इस बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और हमलों पर आपकी क्या राय है?
इन हमलों से अहम आपूर्ति मार्ग बाधित हुए हैं। वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया है और गैस का बड़ा संकट भी बन गया है।