
तपेदिक (TB) एक जानलेवा बीमारी है, जो रोज़ाना 3,300 से ज़्यादा लोगों की जान लेती है। लेकिन इसे रोका और ठीक किया जा सकता है!
WHO ने विश्व टीबी दिवस पर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। ये टीबी की पहचान में क्रांति ला सकते हैं।
नए आणविक परीक्षण और जीभ के नमूने (Tongue Swab) जैसी तकनीकें टीबी का पता तेज़ी से लगाएँगी।
ये परीक्षण आधे दाम पर, बैटरी से चलने वाले हैं और एक घंटे से भी कम समय में परिणाम देते हैं। इलाज जल्दी शुरू होगा!
जीभ के नमूने उन लोगों के लिए वरदान हैं जो थूक नहीं दे सकते। इससे उच्च जोखिम वाले लोगों की पहचान आसान होगी।
WHO के महानिदेशक डॉ. टैड्रॉस के अनुसार, ये नए उपकरण तेज़ निदान प्रदान कर ज़िंदगियाँ बचा सकते हैं और लागत घटा सकते हैं।
यह तकनीक केवल टीबी ही नहीं, एचआईवी (HIV), एमपॉक्स और एचपीवी (HPV) जैसी अन्य बीमारियों की जाँच में भी सहायक है।
टीबी से निपटने के वैश्विक प्रयास सफल रहे, पर धन की कटौती और केंद्रीकृत लैब चुनौतियाँ बन रही हैं।
WHO ने सरकारों से नए उपकरणों के प्रसार, जन-केंद्रित टीबी देखभाल और मज़बूत स्वास्थ्य प्रणालियों पर ज़ोर दिया है।
टीबी पर खर्च किया गया हर $1, $43 तक का लाभ देता है। टीबी खत्म करने को नेतृत्व और निवेश ज़रूरी है।